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पिस्तौल ढ़ूढना बड़ी चुनौती; वारदात के बाद तालाब में फेंकी:नहीं मिली तो केस कमजोर; जींद में पूर्व सरपंच द्वारा बेटे की हत्या का मामला
जींद के तलौड़ा गांव में प्रॉपर्टी विवाद में पूर्व सरपंच द्वारा बेटे की हत्या का मामला पिस्तौल पर आकर ठहर गया है। घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस वारदात में प्रयोग पिस्तौल बरामद नहीं कर पाई है। 4 दिन के रिमांड में आरोपी ने वारदात के बाद पिस्तौल घटना स्थल के बाद तालाब में फेंकने का दावा किया था। पुलिस ने पहले जेसीबी का सहारा लेकर चुंबक से पिस्तौल तलाशने का प्रयास किया। अब तालाब से पानी निकाला जा रहा है। पानी निकलने पर पुलिस एक बार फिर आरोपी को रिमांड पर लेकर पिस्तौल तलाशने का प्रयास किया। पिस्तौल पुलिस के लिए सबसे अहम है, नहीं मिली तो मामला कमजोर पड़ सकता है। चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व एसआई एवं होटल कारोबारी मदन लाल पर अपने इकलौते बेटे मुरारी की गोली मारकर हत्या का आरोप है। पुलिस आरोपी की वैगनार गाड़ी चंडीगढ़ से बरामद कर चुकी है, पिस्तौल की अभी भी तलाश है। पुलिस को कई दिन करना पड़ेगा इंतजार पुलिस ने 19 अक्टूबर को जेबीसी पर बैठकर चुंबक से करीब 4 घंटे तालाब को खंगाला। पिस्तौल नहीं मिलने पर 20 अक्टूबर को पानी निकालना शुरू किया। अभी तक तालाब से करीब 4 फीट पानी ही कम हो पाया है। हालांकि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बीच में काम रोकना पड़ा। तालाब की गहराई 20 फीट से अधिक बताई जा रही है। इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पहले तालाब से पानी निकलेगा, इसके बाद तालाब में जमा 3 से 5 फीट गाद (मलबा) सूखने का इंतजार करना होगा। मामले में पिस्तौल सबसे अहम कड़ी सीआईए इंचार्ज यादवेंद्र सिंह ने कहा कि मामले में पिस्तौल सबसे अहम कड़ी है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने पिस्तौल तालाब में फेंकने का दावा किया है। तालाब का पानी निकाला जा रहा है। पानी निकलने के बाद पिस्तौल की तलाश की जाएगी। मुझे विश्वास है कि हम पिस्तौल को ढूंढ लेंगे। परिवार में पहले से विवाद था। इसी विवाद के चलते यह घटना हुई है। अभी इससे ज्यादा कुछ भी कहना सही नहीं है। जानिए क्या क्या है मामला सदर थाना पुलिस ने मृतक मुरारी लाल की पत्नी शिवानी की शिकायत पर केस दर्ज किया। जिसमें आरोप लगाया कि उसके ससुर मदन लाल ने डायल 112 की टीम के सामने मुरारी पर फायरिंग की। मुरारी के जमीन पर गिरने के बाद भी फायरिंग की। उस समय डायल 112 की टीम मौके भाग गई थी। शिकायत में अपनी सास मंजीत कौर, ननंद पूजा और ममेरी ननद वंदना के अलावा ग्रामीण गुरबख्श व कमलु के हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत में इससे पहले भी पुलिस को शिकायत करने पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें ही परेशान करने के आरोप लगाए थे। जिसे देखते हुए तत्कालीन एसपी कुलदीप सिंह ने मामले की जांच सीआईए को सौंप दी थी। फिलहाल सीआईए ही मामले की जांच कर कर रही है।