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नेपाल में भारी बारिश से गंडक में उफान, गोपालगंज के 43 गांवों में बाढ़ का खतरा, निचले इलाके खाली करने का आदेश

Gopalganj Flood Update : नेपाल के तराई क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गोपालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गयी है. वहीं, वाल्मीकिनगर बराज से शनिवार की दोपहर दो बजे तीन लाख क्यूसेक जल डिस्चार्ज दर्ज किया गया. इसके बाद भी जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी था. नेपाल के देवघाट में भी 4.42 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया.
गंडक के बढ़ते जलस्तर से दियारा क्षेत्र में बढ़ी चिंता
गंडक नदी में रविवार को बढ़े जलप्रवाह का असर जिले के दियारा और निचले इलाकों में पड़ने की आशंका है. खेतों में नदी का पानी फैलने लगा है. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीण भी नदी के रुख पर लगातार नजर रख रहे हैं.
हाई अलर्ट पर जिला प्रशासन, अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड में आ गया है. जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के साथ डीएम समीर सौरभ, एडीएम राजेश्वरी पांडेय और एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर तैयारियों की समीक्षा की.
समीक्षा के बाद कुचायकोट के सीओ मनोरंजन शुक्ला, सदर सीओ रजत वर्णवाल के अलावा मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के सीओ ने निचले इलाकों में माइकिंग करायी. अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की.
तटबंध और सरकारी भवनों में जाने की अपील
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को तटबंधों और नजदीकी सरकारी भवनों में जाने की सलाह दी गयी है. अधिकारियों ने लोगों से कहा कि नदी का पानी गांवों में फैलने की स्थिति में समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके.
पांच प्रखंडों के 43 गांवों में बाढ़ का खतरा
जिले के पांच प्रखंडों के 43 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. इन इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है. नदी का पानी खेतों में फैलने के बाद अब गांवों के आसपास की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.
पानी गांवों में फैला तो शुरू होंगे राहत केंद्र
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि गंडक नदी का पानी गांवों में फैलता है, तो प्रभावित लोगों के लिए राहत केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया जायेगा. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी पर ध्यान देने की अपील की गयी है.