समाचार · छत्तीसगढ़
धमतरी में अर्णब चक्रवात का असर:कलेक्टर ने तेज बारिश-हवाओं की आशंका पर किसानों से फसल बचाने की अपील की
चक्रवात ‘अर्णब’ के संभावित असर को देखते हुए छत्तीसगढ़ में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसे देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किसानों सहित जिले के लोगों से सतर्क रहने और अपनी जान-माल की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, वे जल्द से जल्द उसका उठाव कर सुरक्षित स्थान पर रख लें। वहीं, खेतों में खड़ी फसल को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने किसानों को फिलहाल नई बुवाई से बचने की सलाह दी, ताकि संभावित बारिश से नुकसान को कम किया जा सके। 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार कलेक्टर ने आशंका जताई कि मौसम खराब होने की स्थिति में हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को बिजली के खंभों, तारों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। बारिश की स्थिति में गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए लोगों से जलाशयों और पानी वाले स्थानों के आसपास जाने से बचने की अपील भी की गई है। इसके साथ ही पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र हो सकते हैं बंद मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति पर भी नजर रख रहा है। कलेक्टर ने कहा कि यदि 28 और 29 अक्टूबर को अत्यधिक बारिश होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। इस संबंध में फैसला मौसम की स्थिति और जरूरत को देखते हुए लिया जाएगा। आपात स्थिति के लिए 3 कैंप चिह्नित, SDRF अलर्ट पर संभावित बारिश और चक्रवात के असर से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आपात तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर के मुताबिक, गंगरेल बांध में जल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए स्टोरेज की व्यवस्था रखी गई है, ताकि बारिश होने पर पानी का प्रबंधन किया जा सके। आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन कैंप चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा कमांड कंट्रोल रूम तैयार किया गया है और एसडीआरएफ की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई जा सकती है। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश कलेक्टर ने बताया कि सीएसईबी, नगर निगम, राजस्व विभाग और जिला पंचायत सहित संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन की नजर अब 28 और 29 अक्टूबर के मौसम पर है। जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है।