समाचार · मध्य प्रदेश
सिंगरौली में ग्रामीण ने फांसी लगाई:बेहोशी की हालत में भेजा अस्पताल, बांधा कोल ब्लॉक के लिए पेड़ कटाई का विरोध
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र स्थित बांधा कोल ब्लॉक में पेड़ों की कटाई को लेकर भारी विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत बांधा पिडरवाह के रहने वाले विश्वनाथ प्रसाद बिंद ने रविवार को महुआ का पेड़ काटे जाने का विरोध करते हुए उसी पेड़ से फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजन और ग्रामीणों ने वक्त रहते उन्हें नीचे उतारा और बेसुध हालत में बैढ़न ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। परिजन ने बताया कि विश्वनाथ बिंद लंबे समय से इस महुआ के पेड़ की देखभाल करते आ रहे थे और इसके महुए बेचकर ही उनके परिवार का गुजारा चलता था। आरोप है कि बांधा कोल ब्लॉक के लिए हो रही पेड़ों की कटाई के तहत जब कुछ लोग इस पेड़ को भी काटने लगे, तो विश्वनाथ ने इसका कड़ा विरोध किया और गुस्से में आकर यह कदम उठा लिया। पुश्तैनी मकान दूसरे के नाम दर्ज करने का आरोप विश्वनाथ के बड़े बेटे श्यामलाल ने बताया कि कोयला खदान की वजह से उनका पुश्तैनी मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मकान को कागजों में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है, जिससे उन्हें मुआवजे से वंचित होने का डर सता रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक न तो मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास का कोई फायदा। कंपनी बोली- जानकारी जुटा रहे मामले पर आदित्य बिड़ला समूह की सहायक कंपनी एस्सेल माइनिंग के प्रवक्ता राजीव किशोर ने कहा कि उन्हें फिलहाल घटना की जानकारी नहीं है और फील्ड की टीम से बात करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। उधर, बरगवां थाना प्रभारी अनिल कुमार पटेल ने बताया कि अभी किसी पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने माना कि बांधा कोल ब्लॉक शुरू होने की प्रक्रिया के दौरान पेड़ कटाई, मुआवजा और विस्थापन को लेकर ग्रामीणों के बीच अक्सर आपत्तियां आती रहती हैं।