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पत्नी को तड़पाकर मारा, नहाकर नए कपड़े पहने, तिलक लगाया:पोस्टल असिस्टेंट को मारने पति ने ऑनलाइन मंगाया 7 लेयर वाला चाकू, बेटी बोली- 'उसे भी तड़पाकर मारो'
इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हत्या के बाद आरोपी पति अखिलेश सैनी ने खून से सने कपड़े घर के पास चेंबर में डाले फिर नहाकर नए कपड़े पहने…तिलक भी लगाया। इसके बाद बच्चों प्रेक्षा और अव्यक्त से मिलने स्कूल पहुंचा। यहां बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड और जरूरी सामान देकर छुट्टी के बाद मौसी के घर जाने को कहा। आरोपी ने पत्नी को मारने के लिए सात लेयर वाला मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। इस पूरे मामले में ‘’ ने पुलिस की अब तक की पड़ताल और पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की बेटी प्रेक्षा से बात की। इसमें हत्या की खौफनाक ‘प्री-प्लानिंग’ सामने आई है। बेटी प्रेक्षा ने जो बताया वह तो रोंगटे खड़े करने वाला है। 12 जुलाई को डाक कुंज कॉलोनी निवासी उर्मिला सैनी (38) की उन्हीं के घर में जघन्य हत्या कर दी गई। इसका पता तब चला था जब बेटी प्रेक्षा और बेटा अव्यक्त घर पहुंचे थे। घर का दरवाजा खुला हुआ था और अंदर पहले कमरे में मां रक्तरंजित पड़ी थी। यह देख दोनों का दिमाग चकरा गया था। अब मृतका की बेटी प्रेक्षाके बयानों ने इस हत्याकांड को महज घरेलू विवाद नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और बेहद क्रूर साजिश के रूप में सामने ला दिया है। प्रेक्षा का दावा है कि उसके पिता अखिलेश सैनी ने हत्या की पूरी साजिश पहले से रची थी। उसने न केवल हत्या के हथियार पहले से जुटाए, बल्कि वारदात के बाद सबूत मिटाने और फरार होने की रणनीति भी बनाई। पोस्टमार्टम में खुलासा: मौत के बाद भी जारी रही हैवानियत प्रेक्षा के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उर्मिला सैनी पर पहला हमला सिर पर किया गया था। उसका मानना है कि पिता पहले सिर पर भारी वार कर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से असहाय बनाया। मां की मौत हो जाने के बाद भी वह नहीं रुका और शरीर पर कई और वार किए। घटनास्थल की भयावह स्थिति देखकर पुलिस ने भी परिजनों को शव न दिखाने की सलाह दी थी, लेकिन सबसे पहले उसी दृश्य का सामना दोनों मासूम बच्चों को करना पड़ा। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हत्या के बाद आरोपी सीधे बच्चों के स्कूल पहुंचा। प्रेक्षा ने बताया कि उस समय उसके पिता पूरी तरह सामान्य दिख रहे थे। उन्होंने नहा-धोकर साफ कपड़े पहने थे, बालों में तेल लगाया था, माथे पर भगवान का तिलक था और जूते तक पॉलिश किए हुए थे। अंगूठे के घाव पर बांधी थी पट्टी बेटी के मुताबिक पिता के हाथ के अंगूठे पर कट का निशान था, जिस पर पट्टी बंधी हुई थी। पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें और उनकी मां को भोपाल किसी जरूरी काम से जाना है। इसी बहाने उन्होंने बेटी को घर न जाकर मौसी के घर जाने की सलाह दी और कुछ नकदी भी देकर गए। आरोपी अखिलेश अपने साथ एक डेबिट कार्ड लेकर भागा है। शव की शिनाख्ती का खौफनाक मंजर बेदर्दी से मारने की बात रिश्तेदार मंगला सुनहरी ने भी बयां की। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम विभाग में शिनाख्ती के लिए मुझे बुलाया तो मैंने उर्मिला के शव को देखा तो काफी लहुलुहान थी। उसका एक ओर का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। पूरा चेहरा चाकुओं के वार से खौफनाक था। गर्दन अलग ही कटी हुई दिख रही थी। शव पलटने पर हाथ में खून के लोथड़े आ रहे थे। टीवी की आवाज 100 पर कर गया, ताकि मदद की पुकार कोई न सुन सके प्रेक्षा का कहना है कि पिता ने वारदात को अंजाम देने के बाद घर का टीवी पूरी आवाज में चालू कर दिया था। जब वह और उसका छोटा भाई घर पहुंचे तोटीवी की आवाज असामान्य रूप से तेज थी। अंदर पहुंचते ही उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में देखा। टीवी की आवाज बढ़ाने का मकसद यह था कि यदि मां मदद के लिए आवाज लगाने की कोशिश भी करें तो पड़ोसियों तक आवाज न पहुंच सके। मेडिकल चाकू का एक बॉक्स घर से मिला प्रेक्षा ने बताया कि हत्या के लिए विशेष मेडिकल उपकरण पहले से जुटा रखे थे। उसके अनुसार घर से ऐसे चाकुओं का बॉक्स मिला है, जिनका उपयोग बड़े मेडिकल ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने में किया जाता है। उसने बताया कि हमें भी बाद में पता चला कि सात लेयर कट लगाने वाले मेडिकल चाकू पहले से घर में लाकर रख चुका था। परिवार का आरोप है कि वारदात में इन्हीं विशेष धारदार हथियारों का उपयोग किया गया। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जब्त सामग्री की जांच की जा रही है। सीसीटीवी से बचने का भी बनाया था प्लान बेटी का दावा है कि आरोपी ने भागने की तैयारी भी पहले से कर रखी थी। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में वह रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र तक दिखाई दिया, लेकिन इसके बाद ऐसे रास्ते से निकला जहां कैमरे नहीं लगे हैं। प्रेक्षा का कहना है कि ऐसा लगता है कि पिता ने पहले ही यह पता लगा लिया था किस इलाके में कैमरे हैं और कहां नहीं। यही कारण है कि पुलिस को अब तक उसका स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है। पहले भी कर चुका था जानलेवा हमला बेटी ने यह भी खुलासा किया कि पिता लंबे समय से मां पर बेवजह शक करते थे। कई बार विवाद इतना बढ़ा कि उन्होंने मां का गला दबाने की कोशिश की। एक बार जब प्रेक्षा ने बीच-बचाव किया तो आरोपी ने मंदिर का सिंहासन उठाकर उसकी तरफ फेंक दिया था, जिससे उसे चोट भी आई थी परिजन का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे संदेह और घरेलू तनाव ने आखिरकार इस दर्दनाक वारदात का रूप ले लिया। पुलिस की चार टीमें तलाश में, आरोपी अब भी फरार उधर पुलिस आरोपी अखिलेशकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दर्द उन दो बच्चों का है, जिन्होंने अपनी मां को खो दिया। बेटी प्रेक्षा की अब सिर्फ एक मांग है कि पिता को भी तड़पाकर मारो। जो दर्द मेरी मां ने झेला है, उसे भी वैसी ही सजा होनी चाहिए। उर्मिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उसे उसके 7 साल के बेटे ने ओंकारेश्वर में मुखाग्नि दी। ये खबर भी पढ़ें… बेटी बोली-पापा का एनकाउंटर नहीं…उन्हें आखिरी सांस तक तड़पाओ "जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा... उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए।" इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में तीसरे दिन बेटी प्रेक्षा का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि आरोपी को न फांसी दी जाए, न एनकाउंटर किया जाए, बल्कि उसे वही पीड़ा महसूस कराई जाए, जो उसकी मां ने आखिरी सांस तक झेली।पूरी खबर पढ़ें