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अगर गृहस्थ आश्रम सुधरे तो संसार सुधर जाए सुख चाहते हो तो यज्ञ करो : आचार्य अमित
। जालंधर आर्य समाज मंदिर मॉडल टाउन में साप्ताहिक सत्संग एवं सायं काल मासिक विशेष सत्संग में सर्वप्रथम पंडित सत्य प्रकाश शास्त्री एवं पंडित बुद्धदेव वेदालंकार ने यज्ञ करवाया। मुख्य यजमान बलदेव मेहता और शशि मेहता रहे। इसके बाद सुरेंद्र आर्य, रश्मि घई और रंजना आर्य ने भजन गाए। आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब के महोपदेशक आचार्य अमित शास्त्री ने प्रवचनों में कहा कि अगर गृहस्थ आश्रम सुधर जाए तो संसार सुधर जाए। राम जैसे संतान चाहिए तो कौशल्या, दशरथ बनना पड़ेगा। अगर कृष्ण जैसा संतान चाहिए तो देवकी एवं वसुदेव बनना पड़ेगा। वहीं घर को स्वर्ग बनाने के लिए यज्ञ कर्म करें। भगवान कृष्ण जी भी कहते हैं सुख चाहते हो तो यज्ञ करो। वेद कहता है मिलकर चलो, मिलकर बोलो, ज्ञानी बनो, पूर्वजों के भांति कर्तव्य का पालन करो, तभी गृहस्थ स्वर्ग बनेगा। परमात्मा ने यह मनुष्य जीवन दिया धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति के लिए। परंतु किसी का उस तरफ ध्यान ही नहीं है। वर्तमान समय में लोग रात्रि में विवाह कर रहे हैं जो नियम के विरुद्ध हैं। वेद कहता है दिन में विवाह हो सबसे उत्तम समय दिन का। और उसी से गृहस्थ स्वर्ग बनेगा। जो वेद की निंदा करता है वह नास्तिक है क्योंकि वेद ईश्वरीय वाणी है। वेद के अनुसार ही हम अपने जीवन को बनाएं। अध्यक्षता करते प्रधान अरविंद घई ने कहा कि हम स्वामी दयानंद सरस्वती जी के संदेशों को घर-घर पहुंचाएं एवं आर्य समाज, वेद के संदेशों को जीवन में अपने और बच्चों को भी वेद ज्ञान से संस्कारों से संस्कारित बनाएं। इस मौके डॉ. निधि मल्होत्रा, डॉ. ऋषि आर्य, रवि महाजन, हिंद पाल सेठी, सुरेंद्र सेठ, सुनील टंडन, सुशील शर्मा, एसपी सहदेव, ललित शर्मा, श्याम सुंदर सरीन, बृजेश टंडन, कुल भूषण धीर, अजय गोस्वामी, प्रिंसिपल एसके गौतम, सुनीता मिड्ढा उपस्थित रहे। शांति पाठ के पश्चात ऋषि लंगर के साथ कार्यक्रम समापन हो गया।