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पहली बार 2 आरोपियों का ‘गेट’ टेस्ट, 56 गवाह बनाए, सुरक्षा के चलते दो का सीक्रेट नाम ए-बी
सेक्टर-37 स्थित बीजेपी कार्यालय पर 1 अप्रैल की शाम को हुए हैंडग्रेनेड ब्लास्ट मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में 1465 पन्नों की चार्जशीट दायर कर दी है। इसमें कुल 56 गवाह बनाए गए हैं, जिनमें सुरक्षा कारणों से दो गवाहों को ‘प्रोटेक्टेड विटनेस’ (ए और बी) रखा गया है। पुलिस ने मामले में कुल 11 आरोपियों को नामजद किया था, जिनमें से विदेश में बैठे हैंडलर सुरजीत सिंह उर्फ जोता और औजला को छोड़कर सभी 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। फरार हैंडलरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसएसपी के अनुसार, आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस ने पहली बार मुख्य आरोपी अमन सिंह और गुरतेज सिंह का ‘गेट टेस्ट’ (जेस्चर एनालिसिस टेस्ट) करवाया है। सीन रिक्रिएशन के दौरान उनके भागने के मूवमेंट को सीएफएसएल लैब (सेक्टर-36) भेजा गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि धमाके में इस्तेमाल ग्रेनेड ‘पाकिस्तान मेड’ था, जिसमें घातक आरडीएक्स भरा था। यदि कोई इंसान पास होता तो उसकी जान जा सकती थी। मोबाइल डेटा रिकवरी और गेट टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट सप्लीमेंट्री चालान में पेश की जाएगी। चालान मजबूत करने के लिए पुलिस ने रूट मैप और सीडीआर निकाली, फाइनेंशियल रिपोर्ट को चार्जशीट से जोड़ा चालान को मजबूत करने के लिए पुलिस ने आरोपियों के बयानों का मिलान करने के लिए उनकी मोबाइल टावर लोकेशन और सीडीआर निकाली गई, जो बिल्कुल सही पाई गई। इसके अलावा, ब्लास्ट के बाद अमन और गुरतेज के भागने का रूट मैप तैयार किया है। साथ ही, आरोपियों के खातों में विदेश से आए पैसों की पूरी रिपोर्ट भी चार्जशीट के साथ नत्थी की गई है। आरोपियों ने ऐसे चंडीगढ़ पहुंचाए हथियार... जनवरी में हजनवीर ने गांव के युवक सुरजीत के कहने पर ड्रोन से आई कंसाइनमेंट उठाई, जिसके लिए उसे पैसे मिले। उसने 7 मार्च को अमृतसर के इंडिया गेट के पास झाड़ियों में हथियार छुपाए। इसके बाद बलविंदर लाल की बलाचौर स्थित नाई की दुकान पर कंसाइनमेंट पहुंची, जिसे चरणजीत (पुर्तगाल रिटर्न) ले गया। चरणजीत ने यह खेप नवांशहर के जसवीर सिंह को दी। 28 मार्च को जसवीर से रूबल चौहान, मंदीप शर्मा और मुख्य आरोपी गुरतेज यह खेप लेकर चंडीगढ़ आए और एक अप्रैल को ब्लास्ट कर दिया।