समाचार · पंजाब
ड्राइफ्रूट एसो. के पूर्व प्रधान पर लाखों के गबन का आरोप
| अमृतसर मजीठ मंडी में ‘फेडरेशन ऑफ करियाणा एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन' में चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों कीर्ति अरोड़ा, बीके बजाज, बॉबी कुमार और पूर्व उपप्रधान वरुण नेवटिया ने पूर्व प्रधान अनिल मेहरा पर वित्तीय लेखा-जोखा न देने और लाखों के गबन का आरोप लगाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि साल 2014 से अनिल मेहरा सर्वसम्मति से प्रधान पद पर आसीन थे। जब इस साल उनसे हिसाब देने और नए संविधान के तहत चुनाव कराने को कहा गया तो उन्होंने एसोसिएशन को ही भंग कर दिया। उन्होंने 10 जुलाई को नियमों के विपरीत नई एसोसिएशन का गठन कर लिया। इसी नाराजगी के चलते वरुण नेवटिया ने एक सप्ताह पहले उपप्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अनिल मेहरा, कोषाध्यक्ष अशोक तलरेजा, सुमन मेहरा और नरेंद्र कुमार ने हिसाब पेश नहीं किया तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं जिला व्यापार मंडल के प्रधान सुरिंदर दुग्गल, राकेश ठुकराल और बलबीर भसीन ने कहा कि व्यापारियों को आपस में मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए। ^मैंने इस एसोसिएशन को अपने खून से सींचा है। एसोसिएशन का लेखा-जोखा पहले ही इन्हें भेजा जा चुका है। चंद लोग कई साल से मेरा विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि खुद एसोसिएशन पर कब्जा चाहते थे। जब मैंने बागडोर संभाली थी, तब मात्र 40 सदस्य थे और आज जब मैंने इस एसोसिएशन को छोड़ा है, तो करीब 600 सदस्य हैं। -अनिल मेहरा, पूर्व प्रधान