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गंगरेल बांध लबालब, 86% भरा, 28 टीएमसी पानी जमा:1-2 दिन में खुल सकते हैं गेट, प्रशासन अलर्ट, लोगों से बांध-नहरों से दूर रहने की अपील
धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश से प्रमुख बांधों में तेजी से जलभराव हो रहा है। गंगरेल बांध 86.53% भर चुका है, जबकि मॉडमसिल्ली 90.78%, सोंढूर 78.63% और दुधावा बांध 74.25% भर गया है। कैचमेंट एरिया में बारिश का दौर जारी रहा तो अगले एक-दो दिनों में गंगरेल बांध के गेट दोबारा खोले जा सकते हैं। रविशंकर जलाशय यानी गंगरेल बांध की कुल क्षमता 32.150 टीएमसी है। वर्तमान में इसमें 28.504 टीएमसी पानी जमा है, जो कुल क्षमता का 86.53% है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की नजर बांध और कैचमेंट एरिया पर बनी हुई है। मॉडमसिल्ली 90% से ज्यादा भरा जिले के अन्य जलाशयों में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। 5.839 टीएमसी क्षमता वाले मॉडमसिल्ली बांध में 5.286 टीएमसी पानी है। इसका जलभराव 90.78% हो चुका है। वहीं, 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 7.606 टीएमसी पानी यानी 74.25% और 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंढूर बांध में 5.640 टीएमसी यानी 78.63% पानी मौजूद है। बारिश जारी रही तो फिर खुलेंगे गेट कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि भारी बारिश के कारण गंगरेल बांध लगभग भरने की स्थिति में है। इससे पहले भी बांध के कुछ गेट खोलकर पानी छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश जारी रहती है तो जलस्तर नियंत्रित करने के लिए दोबारा गेट खोलने पड़ सकते हैं। बांध-नहरों के पास जाने से बचें जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है। नगर सैनिकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन ने लोगों से बांधों, जलाशयों और नहरों के किनारे नहीं जाने की अपील की है। खासकर अभिभावकों से बच्चों को पानी के आसपास न जाने देने को कहा गया है, क्योंकि जलस्तर बढ़ने पर बहाव बेहद तेज हो सकता है।