Wednesday, 4 November 2026
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‘US Midterm Election में हार ट्रंप के लिए बनी सुनामी’, क्या ईरान से लेकर घरेलू एजेंडे तक बढ़ेंगी मुश्किलें? विशेषज्ञ बोले- अगले दो साल आसान नहीं

INT News4 November 2026 at 01:08 pm

दिल्ली में अमेरिकी मिडटर्म चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए वाएल अव्वाद (Waiel Awwad) ने कहा कि अमेरिका के घरेलू हालात, ईरान के खिलाफ युद्ध और गाजा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को समर्थन देने जैसे मुद्दों पर ट्रंप के रुख का असर चुनावी नतीजों पर पड़ा है.

ट्रंप के फैसलों से रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान

वाएल अव्वाद ने कहा, “मेरा मानना है कि यह राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सुनामी है. वह चुनाव को विभिन्न मुद्दों पर जनमत संग्रह के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिका के आंतरिक हालात को लेकर उनके आचरण ने पूरी रिपब्लिकन पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी.”

उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध को एकतरफा बताते हुए कहा कि यह अमेरिकी युद्ध नहीं था. साथ ही, गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन भी अमेरिकी जनता के विरोध के बावजूद जारी रहा.

विशेषज्ञ के मुताबिक, इन फैसलों और नीतियों ने ट्रंप के लिए चुनावी नतीजों को बेहद नुकसानदेह बना दिया है. उन्होंने कहा कि अब ट्रंप को अगले दो साल के कार्यकाल के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

संसद में समर्थन के बिना नीतियां लागू करना होगा मुश्किल

वाएल अव्वाद ने कहा कि ट्रंप की कई नीतियों को लागू करने के लिए अब अमेरिकी संसद के दोनों सदनों की मंजूरी जरूरी होगी. इनमें आव्रजन, स्वास्थ्य सेवा और घरेलू मुद्दों के साथ ईरान से जुड़ी नीतियां भी शामिल हैं.

उन्होंने कहा, “अब उन्हें अपनी कई नीतियों के लिए दोनों सदनों की मंजूरी लेनी होगी. इसके बिना वह अपनी मर्जी से युद्ध जैसी कार्रवाई नहीं कर सकते.”

विशेषज्ञ के अनुसार, चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप के लिए अपनी घरेलू नीतियों के साथ-साथ विदेश नीति के एजेंडे को लागू करना भी कठिन हो सकता है.

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ट्रंप के लिए अगले दो साल की राह आसान नहीं

वाएल अव्वाद का मानना है कि मिडटर्म चुनाव के नतीजे ट्रंप के राजनीतिक एजेंडे पर असर डालेंगे. संसद में समर्थन कमजोर होने की स्थिति में उन्हें अपने फैसलों और नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष और अन्य सांसदों का सहयोग लेना पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप को अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा और अगले दो साल में कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.

वीडियो में देखें, विदेश मामलों के विशेषज्ञ ने क्या कहा-

दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बहुमत

डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है. इससे कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण खत्म हो गया है. चुनाव में सीनेट की 100 में से 35 सीटों और प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान हुआ था. सीनेट में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी की कम से कम सात सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया. मेन, टेक्सास, आयोवा, कंसास, ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हराया. एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने दो दर्जन से अधिक सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन लीं.