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NH-719 हादसे में मृतकों की संख्या हुई नौ:इलाज के दौरान घायल युवक ने ग्वालियर में तोड़ा दम, अफसरों के साथ यूपी रवाना हुए शव
भिंड में गोहद के छीमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात मजदूरों से भरी पिकअप ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 23 लोग घायल हुए थे। घायलों का इलाज ग्वालियर के जेएएच में चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान एक और घायल युवक सर्वेश कुमार पुत्र रामचंद्र (40) ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद सर्वेश का शव उसके गांव बेला तुरसिया, जिला शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार, सर्वेश का शव देर रात तक गांव पहुंचने की संभावना है। हादसे में जान गंवाने वाले आठ लोगों के शव चार एंबुलेंस से भिंड और ग्वालियर से उनके गांवों के लिए रवाना किए गए थे। शवों के साथ तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को भी भेजा गया था। अधिकारियों ने मृतकों के गांव पहुंचकर शव परिजनों को सुपुर्द किए। एक साथ उठीं पांच अर्थियां, गांव में मचा कोहराम बुधवार दोपहर बेला तुरसिया गांव में हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ गांव से पांच अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। पूरे गांव में मातम छा गया। इसी दौरान इलाज के दौरान सर्वेश कुमार की मौत की खबर भी गांव पहुंची। यह सुनकर ग्रामीण और परिजन स्तब्ध रह गए। गांव के ओमकार ने बताया कि उनके गांव को जैसे किसी की नजर लग गई है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे परिवार के लिए कमाने गए थे, लेकिन वापस उनके शव पहुंचे। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ उठी दो सगे भाइयों की अर्थी ओमकार ने बताया कि बेला तुरसिया गांव में हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। पहले पांच शव गांव पहुंचे थे। इनमें सुखदेव पुत्र कंचनलाल, रजनीश पुत्र कंचनलाल, अमर सिंह पुत्र गंगाराम, भूरेलाल पुत्र गजराम सिंह और उपदेश पुत्र मोहनलाल शामिल थे। सुखदेव और रजनीश सगे भाई थे। दोनों की एक साथ अर्थी उठी। परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा है। वहीं, अमर सिंह और भूरेलाल के परिवार में छोटे-छोटे बच्चे हैं। दोनों परिवार भी मजदूरी पर निर्भर थे। उपदेश की मौत से भी उसका परिवार बिखर गया है। अब सर्वेश की मौत के बाद उसके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर के गांवों में भी मातम हादसे में जान गंवाने वाले सुभाष पुत्र कमलेश निवासी हरिनारायणपुरा, थाना मुहम्मदी, जिला लखीमपुर खीरी; गुड्डू पुत्र प्रहलाद निवासी किसुनपुर अजीत, थाना पसगवां, जिला लखीमपुर खीरी और मदन पाल पुत्र रामलोटन निवासी बड़ारू बिजला, थाना पुवायां, जिला शाहजहांपुर के गांवों में भी मातम पसरा हुआ है। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन लोगों की मौत से परिजन सदमे में हैं। भिंड से शवों को लेकर उत्तर प्रदेश गए तहसीलदार रामशंकर शर्मा ने बताया कि मृतकों में अधिकांश गरीब परिवारों से थे। वे रोज कमाकर परिवार का पेट पालते थे। एक साथ गांवों में शव पहुंचने के बाद परिवारों की स्थिति बेहद दुखद थी। यूपी सरकार ने दो-दो लाख की सहायता घोषित की लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर जिलों में हादसे में हुई मौतों और घायलों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इधर, भिंड जिले में नेशनल हाईवे पर हुए इस हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए मध्य प्रदेश शासन की ओर से अब तक किसी आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की गई है।