Tuesday, 22 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

साथी की मौत से उग्र हाथी को बांधवगढ़ भेजा:मलकपुर जंगल में दो दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन; पूर्व विधायक ने निगरानी पर उठाए सवाल

INT News22 September 2026 at 02:57 pm

मऊगंज जिले के मलकपुर जंगल में वन विभाग की टीम ने साथी हाथी की करंट से मौत के बाद अकेले घूम रहे दूसरे हाथी को मंगलवार दोपहर 12:30 बजे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। दो दिन चले ऑपरेशन के बाद हाथी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेजा गया। रेस्क्यू में मऊगंज, रीवा और सीधी वन विभाग की टीमों के साथ संजय टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ से बुलाए गए चार प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली गई। साथी की करंट से हुई थी मौत वन विभाग के अनुसार, 19 सितंबर की रात दो हाथियों का जोड़ा मऊगंज-सीधी सीमा से मऊगंज जिले के मलकपुर पहुंचा था। शनिवार सुबह इनमें से एक हाथी करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद दूसरा हाथी अकेला घूम रहा था। वन विभाग ने उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहुंचने की आशंका को देखते हुए रविवार से उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू कर दी थी। पहले मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफनाया गया। चार प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली दूसरे हाथी को सुरक्षित पकड़ने के लिए विशेषज्ञ टीम के साथ प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली गई। संजय टाइगर रिजर्व से दो और बांधवगढ़ से दो हाथी बुलाए गए थे। मंगलवार को मलकपुर के जंगल में टीम ने हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। डीएफओ लोकेश निरापुरे ने बताया कि हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और टीम उसे बांधवगढ़ ले जा रही है। पूर्व विधायक ने निगरानी पर उठाए सवाल पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने हाथी की करंट से मौत को गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। बन्ना के मुताबिक, करीब छह महीने से हाथियों का यह जोड़ा क्षेत्र में घूम रहा था। इस दौरान फसलों को नुकसान, हैंडपंप उखाड़ने और कई इलाकों में कई दिनों तक बिजली बंद रहने की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने इस दौरान प्रशासन का सहयोग किया। खुले तारों को लेकर जांच की मांग बन्ना ने सवाल उठाया कि जब हाथियों की मौजूदगी के कारण लंबे समय तक बिजली बंद रखी जाती थी, तो घटनास्थल पर खुले तारों में करंट कैसे मौजूद था। उन्होंने डीएफओ और सीसीएफ स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने, बिजली व्यवस्था की जांच, प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा और हाथी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने जन आंदोलन की चेतावनी भी दी।