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दतिया विधायक घनश्याम सिंह की सदस्यता को हाईकोर्ट में चुनौती:विधायक बोले- 40 साल से राजनीति में, मुझे केस की जानकारी नहीं
दतिया उपचुनाव के बाद एक बार फिर विधानसभा सीट चर्चा में है। कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के खिलाफ चुनावी शपथ पत्र में 1991 के आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छिपाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने अधिवक्ता शिवम गौतम के माध्यम से 17 सितंबर को दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव के दौरान दाखिल शपथ पत्र में दो आपराधिक मामलों की जानकारी दी, लेकिन 1991 में दर्ज एक अन्य FIR का उल्लेख नहीं किया। यह मामला पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए चक्काजाम से जुड़ा बताया गया है। याचिका के मुताबिक उस दौरान करीब 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और उनमें घनश्याम सिंह का नाम भी शामिल था। घनश्याम सिंह ने 30 जुलाई को हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया था। उन्हें 66,757 और तिवारी को 60,741 वोट मिले थे। विधायक बोले- मुझे जानकारी नहीं वहीं, मामले पर दतिया विधायक ने कहा कि 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद आंदोलन और प्रदर्शन हुए थे, लेकिन उनके संज्ञान में कोई केस दर्ज होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि वे करीब 40-45 साल से सक्रिय राजनीति में हैं और इस दौरान कई आंदोलन किए हैं। यदि किसी मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया हो और वह उनके संज्ञान में नहीं आया हो तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं रही। चुनावी एफिडेविट जानकारी देना जरूरी नहीं घनश्याम सिंह ने कहा कि उनके अनुसार चुनावी एफिडेविट में उस मामले की जानकारी देना जरूरी नहीं था, क्योंकि मामला कोर्ट में चालान पेश होने और प्रचलन में आने वाली श्रेणी में नहीं था। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में क्या याचिका हुई है, इसकी पूरी जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है। जानकारी मिलने के बाद वे विस्तार से जवाब देंगे।