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बठिंडा नगर निगम में भ्रष्टाचार: 24 घंटे में टूटी सड़क:32 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल, शक्ति नगर में नई सड़क पर पड़ीं दरारें
बठिंडा नगर निगम के विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार शक्ति नगर की गली नंबर 3 (शीतला माता मंदिर के सामने) में नवनिर्मित सड़क निर्माण के 24 घंटे के भीतर ही बदहाल हो गई। करीब 32 करोड़ रुपये के विकास टेंडर के तहत बनी यह सड़क अगले ही दिन जगह-जगह से चटक गई और उसमें गहरी दरारें उभर आईं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये घटिया निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ाए जा रहे हैं। 26 अक्टूबर को बनी, 27 को बिछाई गई रेत
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण का काम 25 अक्टूबर को शुरू हुआ था और 26 अक्टूबर को इसे पूरा घोषित कर दिया गया। लेकिन 27 अक्टूबर की सुबह होते ही सड़क उखड़ने लगी और पूरी सतह पर चौड़ी दरारें साफ दिखने लगीं।
इलाका निवासियों का आरोप है कि अपनी नाकामी और घटिया काम को छिपाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारियों ने 27 अक्टूबर की रात को टूटी सड़क पर आनन-फानन में रेत डलवा दी। इससे पूरी गली में धूल और गंदगी का अंबार लग गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान मौके पर न तो कोई जूनियर इंजीनियर (JE) मौजूद था और न ही निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी निगरानी कर रहा था।
निवासियों में गुस्सा: ‘अधिकारी दफ्तरों में मस्त, फील्ड में भ्रष्टाचार पस्त’
मोहल्ले के बाशिंदों ने सड़क की बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। निवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। अफसर दफ्तरों से बाहर नहीं निकलते और ठेकेदार मनमर्जी का मटीरियल इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि 32 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में व्यापक स्तर पर धांधली चल रही है, जिसकी उच्च स्तरीय सतर्कता जांच होनी चाहिए। 32 करोड़ का है शहरव्यापी टेंडर
जानकारी अनुसार, यह निर्माण कार्य नगर निगम की वर्क्स शाखा द्वारा जारी किए गए 32 करोड़ रुपये के व्यापक टेंडर का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट के तहत बठिंडा शहर के सभी 50 वार्डों की प्रमुख सड़कों और अंदरूनी गलियों में प्रीमिक्स डालने और इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने का काम अलॉट किया गया है। इतने बड़े बजट के काम में इस तरह की लापरवाही निगम के निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एसडीओ का फोन नहीं उठा, एक्सईएन का अजीब तर्क
सड़क की दुर्दशा पर पक्ष जानने के लिए जब नगर निगम के एसडीओ चिराग को फोन मिलाया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वहीं, निगम के एक्सईएन अंकुर गोयल ने घटिया मटीरियल के आरोपों को खारिज करते हुए अजीबोगरीब दलील दी। उनका कहना है कि काम में कोई तकनीकी खामी या घटिया सामग्री नहीं है। एक्सईएन के मुताबिक, प्रीमिक्स बिछाने के कुछ ही घंटे बाद ठेकेदार के एक कर्मी ने गर्म सड़क पर ही रोड रोलर चढ़ा दिया, जिसके चलते खिंचाव से दरारें पड़ गईं। उन्होंने दावा किया कि प्रीमिक्स उखड़ा नहीं है, बल्कि चिपका हुआ है और इसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। एक्सईएन ने यह भी कहा कि सभी साइटों से सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।