समाचार · मध्य प्रदेश
कलेक्टर की जनसुनवाई में 75 आवेदक आए:अधिकारियों को समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए
डिंडौरी में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई हुई। इसमें 75 आवेदकों ने कलेक्टर को अपनी समस्याएं बताईं। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को समय सीमा में समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। आवेदकों ने हॉस्टल की मांग और राजस्व अधिकारियों पर हाई कोर्ट के स्टे के बाद भी अनदेखी जैसे कई मुद्दे उठाए। बच्चों के लिए हॉस्टल खोलने की मांग जनसुनवाई में रयपुरा गांव से आए अनिल परस्ते ने बताया कि उनके गांव के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में आसपास के गांवों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। बारिश में उन्हें आने-जाने में दिक्कत होती है। कई गरीब बच्चों को रोज आने-जाने में आर्थिक परेशानी होती है, इसलिए हॉस्टल खोला जाए। संगीता धुर्वे ने जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को तोड़कर नया भवन बनाने की मांग की। तरुण सैयाम ने प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल बनवाने की मांग की। मवेशियों से चरवा रहे फसल मेहदवानी विकासखंड के दादर घुघरी गांव की सुमंत्री बाई ने भी अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने गांव के 41 परिवारों को वन अधिकार के तहत पट्टा दिया है। वे 2012 से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। लेकिन, कुकर्रा गांव के ग्रामीण हर साल मवेशियों से उनकी फसल चरवा लेते हैं। रविवार को भी पूरे गांव के लोगों ने फसल चरवाई। इसकी शिकायत पुलिस, राजस्व और वन विभाग से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। भाजी टोला निवासी बैजनाथ तिवारी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने इस समस्या को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। जलभराव की समस्या का समाधान कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित विभागों और अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद इलाके में जलभराव बना हुआ है और समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 24 अगस्त 2026 को पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई थी, लेकिन रिपोर्ट में सही स्थिति नहीं बताई गई।