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पठानकोट में अश्वनी शर्मा ने साधे सरकार पर निशाने:बोले-'आप' सरकार का नशों के खिलाफ युद्ध केवल विज्ञापनों में, उल्टी गिनती शुरू, प्रशासन न बने कठपुतली
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने पठानकोट में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पंजाब सरकार पर 'नशों के खिलाफ युद्ध' के नाम पर केवल झूठा प्रचार करने और सवाल उठाने वाली जनता व विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने संगरूर के मोहनजीत सिंह पर पुलिस की ओर से किए गए कथित थर्ड डिग्री टार्चर और हरपाल चीमा का नाम लेकर जहर निगलने वाले गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार सवालों से डर रही है। पंजाब में नशा 5 मिनट में डोर-स्टेप पर उपलब्ध है और सरकार नशे के खिलाफ युद्ध की उपलब्धियां गिनवा रही है। नशे के खिलाफ आप सरकार का युद्ध पूरी तरह खोखला और कागजी अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े एक युवक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार का 'युद्ध नशों के विरुद्ध' का दावा धरातल पर पूरी तरह खोखला और बेअसर साबित हो चुका है। जब कोई युवक लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाता है कि उसके गांव से नशा खत्म नहीं हुआ, तो यह सिर्फ उसकी अकेले की आवाज नहीं है, बल्कि हर पंजाबी की आवाज है। आज पंजाब का कोई भी शहर ऐसा नहीं बचा है, जहां नशे का प्रसार न हुआ हो। सरकार का युद्ध केवल विज्ञापनों तक सीमित है। सत्ताधारी दल और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत का आरोप शर्मा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के आकाओं के संरक्षण और पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत के बिना चिट्टे (हेरोइन) का कारोबार इतना नहीं फैल सकता। आज पूरे पंजाब में मांएं अपने बेटों को और बहनें अपने भाइयों को नशे की भेंट चढ़ते देख रही हैं तथा हंसते-खेलते परिवार तबाही के कगार पर पहुंच गए हैं। सवाल उठाने वाले युवक के साथ बर्बरता और तानाशाही का आरोप अश्वनी शर्मा ने संगरूर में युवक के साथ हुई मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर की कड़े शब्दों में निंदा की। आवाज दबाने की नीति: उन्होंने कहा कि चाहे कर्मचारी हों, शिक्षक हों, रोडवेज़ के कर्मचारी हों या नर्सें जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उस पर लाठियां चलाई जाती हैं। अस्पताल में हाल पूछने पर रोक: शर्मा ने कहा कि जब भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष उस पीड़ित युवक का हाल-चाल पूछने अस्पताल गए, तो उन्हें भी रोक दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी मरीज का हाल पूछने से रोकना सरकार की किस तरह की मानसिकता को दर्शाता है? सोशल मीडिया पर ऑनलाइन नशा: उन्होंने कहा कि सरकार ने जो टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं, वे बेअसर हैं। आज दीवारों पर लिखा है कि 'नशा इधर मिलता है' और फेसबुक पर ऑनलाइन नशा मंगवाने के नंबर चल रहे हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। सरकार की उल्टी गिनती शुरू, प्रशासन न बने कठपुतली प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अश्वनी शर्मा ने कहा कि मान सरकार की उल्टी गिनती चालू हो चुकी है और पंजाब की जनता अब इनसे निजात पाने का मन बना चुकी है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, इसलिए वे सत्ताधारियों के हाथों की कठपुतली न बनें। पंजाब और पंजाब की जवानी को बचाने के लिए यदि जनता की आवाज दबाने की कोशिश की गई, तो यह आवाज हर घर से उठेगी।