समाचार · मध्य प्रदेश
पुलिसकर्मियों से बोले आईजी- बीट की जानकारी रखें:कहा- लोगों से संवाद करें; सागर में थानों का निरीक्षण करने पहुंचे
सागर में पुलिस महानिरीक्षक सागर इरशाद वली ने बुधवार दोपहर जिले के चार थानों का निरीक्षण किया। अचानक आईजी को थाने में देख पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आईजी ने थाना मकरोनिया, थाना कैंट, थाना बहेरिया और थाना सानौधा का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली ने संबंधित थानों में पदस्थ थाना प्रभारियों के साथ उपस्थित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से संवाद कर उनके शासकीय कार्यों, कार्य परिस्थितियों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने केवल विभागीय कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहते हुए पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। उनके व्यक्तिगत और कार्य संबंधी अनुभवों को भी सुना। इस दौरान उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रहकर, पूर्ण ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर दिया जोर आईजी ने पुलिसिंग की बुनियादी इकाई बीट प्रणाली को मजबूत और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि बीट में नियुक्त पुलिसकर्मी निर्धारित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, अपराधियों, असामाजिक तत्वों और स्थानीय समस्याओं की समुचित जानकारी रखें। उन्होंने कहा कि आमजन से निरंतर संपर्क, संवाद स्थापित कर छोटी-छोटी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि अपराधों की रोकथाम के साथ जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हो। उन्होंने बीट स्तर पर सक्रियता, नियमित क्षेत्र भ्रमण, सूचनाओं के प्रभावी संकलन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय को सफल पुलिसिंग का महत्वपूर्ण आधार बताया। लंबित अपराधों के जल्द निराकरण करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान लंबित अपराधों के निराकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। विवेचकों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्रत्येक प्रकरण में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों का संकलन और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। अनावश्यक विलंब से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध विवेचना के माध्यम से अपराधों का निराकरण किया जाए। साथ ही अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की शिकायतों के संवेदनशीलता के साथ निराकरण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। इस दौरान उनके साथ एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी, एसडीओपी पूजा शर्मा मौजूद थीं।