Monday, 2 November 2026
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आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा चक्रवात 'मुरासू': आज आधी रात लैंडफॉल की आशंका, NDRF की 3 टीमें तैनात

INT News2 November 2026 at 09:18 am

Cyclone Murasu: बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. संभावित खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने तमिलनाडु से अपनी तीन टीमें आंध्र प्रदेश भेजी हैं. ये टीमें तूफान के असर के बाद राहत और बचाव अभियान की जिम्मेदारी संभालेंगी. मौसम विभाग के अनुसार, तूफान 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है.

तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश भेजी गईं NDRF की तीन टीमें

NDRF की चौथी बटालियन की तीन टीमें तमिलनाडु के रानीपेट जिले में अरक्कोनम के पास नगरिकुप्पम में तैनात थीं. इन्हें चक्रवात मुरासु के संभावित असर को देखते हुए आंध्र प्रदेश रवाना किया गया है. इन टीमों को आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा.

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नेल्लोर और नरसापुर के बीच टकरा सकता है तूफान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, मुरासु पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल चुका है. इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है. संभावित लैंडफॉल नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास हो सकता है.

120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

मौसम विभाग ने बताया कि तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की लगातार रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. वहीं, तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. IMD के अनुसार, लैंडफॉल 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच हो सकता है.

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रायगढ़ा में भी राहत-बचाव की तैयारी तेज

ओडिशा के रायगढ़ा जिले में भी प्रशासन ने चक्रवात और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं. जिले की सभी 11 फायर स्टेशन टीमों को तैनात किया गया है. इसके अलावा जेसीबी, एक्सकेवेटर और हाइड्रा क्रेन जैसी मशीनों को संवेदनशील स्थानों पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके.

3 और 4 नवंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट

रायगढ़ा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रवींद्रनाथ कहनरा के मुताबिक, IMD और विशेष राहत आयुक्त (SRC) की रिपोर्ट के आधार पर जिले में 2 नवंबर तक येलो अलर्ट है. वहीं, 3 और 4 नवंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने शुरुआती चेतावनी, आपात सेवाओं, राहत-बचाव अभियान और सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था की समीक्षा की है.

NH-326 पर सड़कें साफ करने के लिए मशीनें तैयार

प्रशासन ने गुम्मा घाटी और मुकुंदपुर घाटी में जेसीबी, एक्सकेवेटर और हाइड्रा क्रेन तैनात किए हैं. इनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-326 से पेड़ और मलबा हटाने के लिए किया जाएगा. अधिकारियों को जरूरी उपकरणों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि तूफान के कारण सड़कें बंद होने पर जल्द आवाजाही बहाल की जा सके.