Sunday, 16 August 2026
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2 हजार साल पुराने शालिवाहन शिव मंदिर में रुद्राभिषेक:खरगोन में सावन की परंपरा में 200 श्रद्धालु जुटे, नर्मदा को चुनरी चढ़ाई, पौधे रोपे

INT News16 August 2026 at 12:52 pm

खरगोन के नावड़ातौड़ी स्थित नर्मदा तट के ऐतिहासिक शालिवाहन शिव मंदिर में रविवार सुबह रुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया गया। यह आयोजन संत सियाराम सेवा समिति की अगुआई में श्रावण मास के अवसर पर हुआ। ओंकारेश्वर से आए पंडितों ने भगवान शिव का अभिषेक कराया। रुद्राभिषेक के बाद नर्मदा मैया को चुनरी अर्पित की गई। इस धार्मिक आयोजन में 200 से अधिक अनुयायियों ने भाग लिया। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। समिति प्रमुख योगेंद्र सोनी ने बताया कि संत सियाराम के सान्निध्य में वर्ष 2017 से हर सावन में रुद्राभिषेक और विशेष पूजन की यह परंपरा जारी है। संत के ब्रह्मलीन होने के बाद भी अनुयायी इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को आगे बढ़ा रहे हैं। रुद्राभिषेक, बाबा की चरण पादुका पूजन, चुनरी अर्पण के बाद बरगद, नीम, पीपल (त्रिवेणी) और कदंब के पौधे रोपे गए। अनुष्ठान में पंडित गोपाल पुरे और पंडित संजय शर्मा के साथ सेवकराम बिरला, हेमंत चौधरी, दिनेश बिरला, पवन कर्मा, राहुल सोनी, अभिषेक राठौड़, देवेंद्र बिरला, अनुज सातले और कुलदीप सोलंकी सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। 2017 में कोटेश्वर बड़वाह से शुरू हुई यह परंपरा

समिति के मुरलीमनोहर भमोरिया ने जानकारी दी कि 2017 में कोटेश्वर बड़वाह से शुरू हुई यह परंपरा विभिन्न वर्षों में निसरपुर, भरूच, विमलेश्वर, धरमपुरी, नेमावर, बरमान घाट और च्यवन ऋषि आश्रम जैसे स्थानों पर भी आयोजित की गई है। यह परंपरा 2025 में महेश्वर के काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर तक पहुंचेगी। नावड़ातौड़ी का शालिवाहन शिव मंदिर नर्मदा तट पर स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। मान्यता है कि इसका निर्माण लगभग 2 हजार वर्ष पहले मध्य भारत के राजा शालिवाहन ने करवाया था। इस मंदिर का संबंध शालिवाहन शक संवत से भी जोड़ा जाता है।