समाचार · मध्य प्रदेश
रघुनाथपुर सरकारी स्कूल की छत गिरी:दो कमरों में नहीं लगती थीं कक्षाएं, 15 अगस्त की शाम हुआ हादसा
रघुनाथपुर के शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में शनिवार शाम करीब 6 बजे दो कमरों की छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय स्कूल बंद था और परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, जिन दो कमरों की छत गिरी है, उन्हें पहले ही क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया गया था। इन कमरों पर ताला भी लगा हुआ था ताकि छात्राओं और स्टाफ को वहां जाने से रोका जा सके। हालांकि, इन क्षतिग्रस्त कमरों से सटे हुए अन्य कमरों में छात्राओं की पढ़ाई जारी थी, जिससे अभिभावकों में भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। यह घटना स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबह हुए झंडावंदन कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद हुई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में छात्राएं, शिक्षक और अन्य लोग मौजूद थे। यदि छत दिन के समय कार्यक्रम के दौरान या स्कूल संचालन के वक्त गिरती, तो कई छात्राओं और स्टाफ के इसकी चपेट में आने की आशंका थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय भवन के जर्जर हिस्से को पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था। उन्होंने शेष भवन की भी तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। लोगों ने क्षतिग्रस्त भवन के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और छात्राओं को केवल सुरक्षित कमरों में ही पढ़ाने की अपील की है। मामले को लेकर बीईओ अशोक दंडोतिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने घटना की जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वे प्राचार्य से जानकारी लेकर इस संबंध में बता पाएंगे। यह सवाल उठता है कि जब दो कमरों को पहले ही क्षतिग्रस्त घोषित किया जा चुका था, तो विभाग ने सटे हुए कमरों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त उपाय किए थे।