Saturday, 7 November 2026
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इंदौर-देवास बायपास की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त:NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से होना होगा पेश, 22 दिसंबर को अगली सुनवाई

INT News7 November 2026 at 12:02 am

इंदौर-देवास बायपास की बदहाल स्थिति और सड़क के रखरखाव में लापरवाही को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, पीआईयू इंदौर को याचिकाकर्ता की शिकायतों और आपत्तियों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई पर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने और प्रोजेक्ट डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सड़क के बेहतर रखरखाव की भविष्य की कार्ययोजना बताने को कहा है। मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ में हुई। MAATR फाउंडेशन की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि इंदौर-देवास बायपास पर जगह-जगह गड्ढे हैं। सड़क कई स्थानों पर असमतल और फिसलन भरी हो गई है। इसके अलावा जलभराव, जाम नालियां, खराब दृश्यता, पुल-पुलियाओं में दरारें और सर्विस रोड व अंडरपास की जर्जर स्थिति के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रखरखाव होने तक टोल वसूली बंद करने की मांग याचिकाकर्ता ने सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए उचित रखरखाव सुनिश्चित होने तक टोल वसूली तत्काल बंद करने की मांग की। याचिका में सड़क सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके समर्थन में सड़क की ताजा रंगीन तस्वीरें भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गईं। याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाने से कोर्ट नाराज सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से याचिका याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाए गए। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक हित से जुड़े सड़क रखरखाव के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय प्रतिवादी पक्ष का जोर याचिकाकर्ता के अधिकार पर सवाल उठाने पर रहा। कोर्ट ने NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निर्देश दिए कि वे शिकायतों का निराकरण कर अगली सुनवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताएं कि भविष्य में बायपास की सड़कों का नियमित और प्रभावी रखरखाव किस तरह सुनिश्चित किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है।