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मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास, 13 साल के शानदार सफर पर लगाया विराम

Mohammed Shami Test Retirement : भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने टेस्ट करियर से संन्यास लेने की घोषणा की. शमी ने कहा कि भले ही वह सफेद जर्सी को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी.
अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शमी ने लिखा कि जब पहली बार उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनी थी, तब उनके मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने का सपना था. इसके बाद का सफर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी की कई यादों से भरा रहा. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अपनी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताया और इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया.
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चोटों से जूझकर हर बार की दमदार वापसी
मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर जितना शानदार रहा, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी. अपने करियर के दौरान उन्हें कई बार चोटों के कारण मैदान से बाहर रहना पड़ा. हालांकि, हर बार उन्होंने मजबूत वापसी कर अपनी प्रतिभा साबित की. सीम और स्विंग के दम पर दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान करने वाले शमी भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे.
अपने भावुक संदेश में उन्होंने टीम के साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों को धन्यवाद दिया. साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के प्रति भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया और करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.
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डेब्यू टेस्ट में ही नौ विकेट लेकर मचाया था धमाल
शमी ने नवंबर 2013 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था. अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने कुल नौ विकेट लेकर शानदार शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए.
अपने टेस्ट करियर में शमी ने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018 में पर्थ टेस्ट में 56 रन देकर छह विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा.
लॉर्ड्स में बल्ले से भी दिखाया था दम
गेंदबाजी के अलावा शमी ने कई मौकों पर बल्ले से भी टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया. उनकी सबसे यादगार पारियों में 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में खेली गई नाबाद 56 रन की पारी शामिल है. इस पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. भारतीय टीम ने यह मुकाबला जीतकर इंग्लैंड की धरती पर यादगार सफलता हासिल की थी.
शमी भारत के उन चुनिंदा तेज गेंदबाजों में शामिल रहे, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 200 से अधिक विकेट हासिल किए. उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान था, जिसमें भारतीय टीम ने खिताब अपने नाम किया था. इसके बाद वह बंगाल की ओर से घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलते नजर आए. सेलेक्टर्स से फिटनेस को लेकर लगातार विवाद चलता रहा. अब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया.
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