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सिवान हादसे के बाद जमुई में भी पटाखों के अवैध भंडारण का खतरा, घनी आबादी में चल रहा कारोबार

बिहार के सिवान जिले में पटाखा निर्माण व भंडारण इकाई में हुए भीषण विस्फोट के बाद जमुई शहर में भी पटाखों के अवैध भंडारण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. शहर के घनी आबादी वाले बाजारों में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के चल रहा पटाखों का कारोबार आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है.
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सालों भर भारी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा जाता है, जिसका उपयोग शादी-विवाह के मौसम में होता है. वहीं दीपावली के करीब आते ही दर्जनों अस्थायी दुकानें भी खुल जाती हैं. सिवान हादसे से सबक लेते हुए अब जमुई में भी पटाखा कारोबारियों के लाइसेंस, भंडारण क्षमता और अग्निशमन इंतजामों की गहन जांच की मांग तेज हो गई है.
टाउन थाना के समीप और व्यस्त बाजारों में स्टॉक की चर्चा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार शहर के सर्वाधिक संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों का अनियंत्रित भंडारण जारी है:
थाने के नजदीक कारोबार: टाउन थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर आधा दर्जन से अधिक दुकानों में पटाखों का बड़ा स्टॉक रखे जाने की चर्चा है.
संवेदनशील बाजार क्षेत्र: थाना चौक, पुरानी बाजार और महाराजगंज जैसे घनी आबादी वाले बाजारों में भी कई दुकानों और गुप्त गोदामों में पटाखे जमा होने की आशंका जताई जा रही है.
भीषण खतरे की आशंका: इन बाजारों में दुकानों के ठीक ऊपर और आसपास रिहायशी मकान हैं. यदि किसी कारणवश आग लगने की घटना घटती है, तो संकरी गलियों के कारण दमकल गाड़ियों का पहुंचना नामुमकिन होगा, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है.
सुरक्षा मानकों और स्वीकृत सीमा की जांच जरूरी
विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित श्रेणी का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल कागजी लाइसेंस की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन बिंदुओं की पड़ताल आवश्यक है:
स्वीकृत मात्रा की सीमा: क्या दुकानों और गोदामों में विस्फोटक नियमों के तहत तय सीमा से अधिक पटाखे तो नहीं रखे गए हैं?
अग्निशमन व्यवस्था: क्या दुकानों में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers), रेत की बाल्टियां और आपातकालीन निकास के रास्ते मौजूद हैं?
सुरक्षित वायरिंग: दुकानों और रिहायशी परिसरों में शॉर्ट सर्किट से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं?
सिवान विस्फोट से गहराया खौफ
गौरतलब है कि सिवान के जामो बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत आलमपुर गांव में बीते शुक्रवार को पटाखा निर्माण व भंडारण इकाई में हुए जोरदार धमाके में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवैध पटाखा कारोबार पर कड़े प्रशासनिक नियंत्रण की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
बोले अधिकारी: अवैध भंडारण पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
"सिवान की घटना के बाद जमुई में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. शहर और आसपास के इलाकों में पटाखों की बिक्री व भंडारण करने वाले सभी प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी. यदि जांच में बिना लाइसेंस कारोबार, स्वीकृत सीमा से अधिक भंडारण अथवा सुरक्षा मानकों में कोई गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री और भंडारण पूरी तरह गैरकानूनी है."
— सौरव कुमार, अनुमंडलाधिकारी (SDO), जमुई