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तामिया में 21 से 23 अगस्त तक सावन महोत्सव:प्रकृति, आदिवासी संस्कृति और रोमांच का दिखेगा संगम; बैठक में अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां
छिंदवाड़ा के तामिया में 21 से 23 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘तामिया सावन महोत्सव 2026’ होने जा रहा है। सतपुड़ा की हसीन वादियों में एक बार फिर सावन का रंग देखने को मिलेगा। महोत्सव में प्रकृति, आदिवासी संस्कृति, लोककला, स्थानीय व्यंजन और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर हरेंद्र नारायण एवं जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के निर्देशन और मार्गदर्शन में तामिया कार्यक्रम स्थल पर बैठक आयोजित की गई। एसडीएम जुन्नारदेव की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयोजन से जुड़े सभी विभागों और संबंधितों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। देसी घी से लेकर आदिवासी पेंटिंग तक होगा आकर्षण
महोत्सव में सावरवानी का शुद्ध देसी घी, चोपना का मावा, आदिवासी पेंटिंग, लोककला, बांस से बनी कलात्मक वस्तुएं, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। स्थानीय व्यंजनों के फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां पर्यटकों को क्षेत्र के पारंपरिक स्वाद का अनुभव मिलेगा। सावन के झूले और लोकनृत्य बढ़ाएंगे रौनक
महोत्सव में सावन के झूले, लोकनृत्य और लोकसंगीत प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इसके साथ नेचर फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यटक तामिया की प्राकृतिक खूबसूरती को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे। एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए गाइड के साथ ट्रेकिंग कराई जाएगी। इसमें वल्चर पॉइंट, चीड़ पॉइंट, छोटा महादेव, ग्वालगढ़ पहाड़ी और तुलतुला पहाड़ जैसे पर्यटन स्थल शामिल हैं। प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट होगा महोत्सव
आयोजकों ने महोत्सव को प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी की है। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पूरे आयोजन को प्रकृति के अनुकूल रखने पर जोर दिया जाएगा। वहीं, तामिया के आसपास के पर्यटन गांवों में संचालित ग्रामीण होम स्टे को भी प्रमोट किया जाएगा, ताकि पर्यटक स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन को करीब से जान सकें। ‘तामिया हमेशा रोमांचक अनुभव देता है’
कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा कि तामिया हमेशा से पर्यटकों के लिए रोमांच और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर अनुभव वाला स्थान रहा है। इस बार भी सावन महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। महोत्सव में सावन, संस्कृति, प्रकृति और रोमांच का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।