समाचार · मध्य प्रदेश
रैगढ़ में अवैध सागौन फर्नीचर फैक्ट्री पर छापा:रिहायशी मकान से 21 नग सागौन की चिरान जब्त, बढ़ई पकड़ाया।
उत्तर वन मंडल पन्ना के देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम रैगढ़ में वन विभाग ने अवैध सागौन फर्नीचर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एक रिहायशी मकान के भीतर चल रही इस अवैध गतिविधि पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने 21 नग सागौन की चिरान जब्त की है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग को ग्राम रैगढ़ निवासी लाल बहादुर बागरी के मकान में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी से फर्नीचर बनाने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने त्वरित रणनीति बनाई और तस्दीक सही पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मकान पर दबिश दी। वन विभाग की टीम जब मकान के भीतर दाखिल हुई, तो वहां बड़े पैमाने पर सागौन की लकड़ी से फर्नीचर तैयार किया जा रहा था। मौके पर ही इंटवा महंगू निवासी रघुवीर विश्वकर्मा को अवैध सागौन की लकड़ी पर औजार चलाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। परिसर की गहन तलाशी के दौरान कमरे के कोने में छिपाकर रखी गई 21 नग सागौन की चिरान (सिल्लियां) बरामद हुईं। इनकी कुल माप 0.195 घन मीटर दर्ज की गई है। इस मामले में मकान मालिक लाल बहादुर बागरी और बढ़ई रघुवीर विश्वकर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कड़ी धाराओं में दर्ज हुआ वन अपराध मामला
वन विभाग की टीम ने मौके पर ही बरामद सागौन की लकड़ी को नियमानुसार जब्त करते हुए विधिवत पंचनामा तैयार किया। इस पूरे मामले में मकान मालिक लाल बहादुर बागरी और फर्नीचर बना रहे बढ़ई रघुवीर विश्वकर्मा दोनों को बराबर का आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) नियम, 1969 की धारा 5, 11, 15 एवं 16 के तहत वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई पूरी कार्रवाई
सागौन तस्करों और अवैध कारोबारियों पर की गई यह सख्त कार्रवाई उत्तर वनमंडल पन्ना के वनमंडलाधिकारी (DFO) धीरेंद्र प्रताप सिंह के कुशल निर्देशन तथा उपवनमंडलाधिकारी (SDO) कृष्णा मरावी द्वारा जारी किए गए सर्च वारंट के अनुपालन में निष्पादित की गई। इस सफल छापेमारी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक रमाकांत गर्ग, बीट प्रभारी देवेन्द्रनगर एस.पी. राय, वनपाल प्रदीप गर्ग, कार्यवाहक वनपाल रावेन्द्र बागरी, वनरक्षक राकेश रजक, जीतेन्द्र कुमार लोध, विवेक चनपुरिया, मनीष शुक्ला सहित वन विभाग के सुरक्षा श्रमिकों ने मुख्य भूमिका निभाई। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि वनों की अवैध कटाई और इमारती लकड़ियों की तस्करी पर यह शिकंजा आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।