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जालंधर में मांगों को लेकर कर्मचारियों सामूहिक अवकाश:मान सरकार के खिलाफ रोष मार्च, पेंशनर्स ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
पंजाब मुलाज़म एवं पेंशनर्ज साझा फ्रंट और साझा मुलाज़म मंच की संयुक्त तालमेल कमेटी के आह्वान पर आज नकोदर तहसील के कर्मचारियों और अध्यापकों का गुस्सा राज्य सरकार के खिलाफ फूट पड़ा। तहसील के तमाम कर्मचारी सामूहिक अवकाश (Mass Leave) लेकर हड़ताल पर चले गए, जिससे दफ्तरी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। कर्मचारियों ने गगन सुरजीत पार्क में एक विशाल रोष रैली की और इसके बाद नकोदर शहर में रोष मार्च निकालते हुए एसडीएम कार्यालय तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस संयुक्त धरने की अध्यक्षता कंवलजीत, बलजीत कुलार, डॉ. जगजीत सिंह, जसवीर सिंह संधू और दिलबाग सिंह ने संयुक्त रूप से की। सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं सुशील कुमार, रघबीर पाल, शिंदर सिंह, पवन कुमार जक्खू, सुरजीत राम, हिम्मत मल्ली, सुरिंदर खीवा और सोढ़ी हंस ने पंजाब सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की।प्रदर्शन के दौरान मुलाज़मों ने अपनी मांगों का एक लंबा मांग-पत्र सामने रखा कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों की किसी भी समस्या का ठोस समाधान नहीं किया है। उन्होंने माननीय हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी न करने पर गहरी आपत्ति जताई और कहा कि सरकार अदालत के आदेशों की भी अवहेलना कर रही है। पुरानी पेंशन, भत्तों और कच्चे कर्मचारियों को लेकर बड़ी मांगें कांग्रेस और पार्षदों ने धरना स्थल पहुंचकर दिया समर्थन कर्मचारियों के इस बड़े आंदोलन को राजनीतिक और स्थानीय नेतृत्व का भी साथ मिला। कांग्रेस के हलका इंचार्ज डॉ. नवजोत सिंह दहिया, नगर कौंसिल के पूर्व प्रधान नवनीत ऐरी और पार्षद विजय कुमार पोपली ने विशेष रूप से मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों के संघर्ष को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन दिया और सरकार से इन मांगों को तुरंत मानने के लिए कहा। आगामी चुनाव में कड़ा सबक सिखाने की चेतावनी एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी नेताओं ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों को बिना किसी देरी के लागू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे सूबे में और अधिक उग्र किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि इसका सीधा खामियाजा वर्तमान सरकार को आगामी विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा, जहां कर्मचारी वर्ग उन्हें कड़ा सबक सिखाएगा। इस मौके पर राकेश कुमार बंटी, जसवंत सिंह, हरविंदर दास, विनीत कुमार, सतिंदर कौर और मलकीत सिंह सहित भारी संख्या में शिक्षक, पेंशनर्स और विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे।