समाचार · मध्य प्रदेश
मंत्री प्रतिमा बागरी के कथित बयान पर सवर्ण समाज नाराज:प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, माफी न मांगने पर जनसंपर्क अभियान की चेतावनी
सतना राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद में छानबीन समिति के समक्ष दिए गए कथित बयान को लेकर सवर्ण समाज का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंत्री से सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने और गलती होने पर माफी मांगने की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मंत्री की ओर से स्पष्टीकरण या सार्वजनिक क्षमा नहीं मांगी गई, तो उनकी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। मंत्री आवास तक मार्च की थी तैयारी संगठन के पदाधिकारी सिविल लाइन चौपाटी पर एकत्र हुए थे। यहां से मंत्री प्रतिमा बागरी के निवास तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की तैयारी थी। हालांकि, नायब तहसीलदार सुजीत नागेश और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी मौके पर पहुंचे और प्रतिनिधियों को समझाइश दी। इसके बाद संगठन ने मार्च स्थगित कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया। 'कथित बयान' से समाज की भावनाएं आहत होने का आरोप सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय तिवारी ने आरोप लगाया कि मंत्री ने छानबीन समिति के समक्ष ब्राह्मण, ठाकुर सहित सवर्ण समाज पर छुआछूत और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि मंत्री से शांतिपूर्ण संवाद करना था। सामाजिक सद्भाव का संदेश देने के लिए सामूहिक भोजन का भी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन प्रशासन के अनुरोध पर फिलहाल कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। 15 दिन बाद गांव-गांव अभियान की चेतावनी अजय तिवारी ने कहा कि यदि मंत्री यह स्वीकार करती हैं कि उनके कथन से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो 15 दिन बाद संगठन उनकी विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में जाकर इस मुद्दे पर जनसंपर्क अभियान चलाएगा और लोगों के बीच अपना पक्ष रखेगा।