Wednesday, 28 October 2026
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कल्पना के पिता बोले- अभी तक नहीं मिली जांच रिपोर्ट:2 महीने में आनी थी, कलेक्ट्रेट पहुंचे; सितंबर में हुए थे मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

INT News28 October 2026 at 04:54 pm

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के करीब दो महीने बाद भी परिवार को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। 26 अगस्त को इलाज के दौरान दोनों की मौत हुई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। जिम्मेदार डॉक्टरों पर FIR दर्ज करने की मांग की थी। मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए 4 सितंबर को आदेश जारी हुए थे। जांच अधिकारी को एक महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। अब बुधवार को कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा- उन्हें अब तक जांच रिपोर्ट नहीं दी जा रही। जबकि यह रिपोर्ट बहुत पहले मिल जानी चाहिए थी। 4 सितंबर को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के निर्देश पर कलेक्टर ने 4 सितंबर को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए थे। जांच की जिम्मेदारी सिरमौर एसडीएम दृष्टि जायसवाल को दी गई थी। उन्हें सात बिंदुओं पर जांच कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट देनी थी। जांच में कल्पना की गर्भावस्था के दौरान हुए परीक्षणों की जानकारी जुटाई जानी थी। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मौत तक के घटनाक्रम की जांच भी इसमें शामिल थी। इलाज में शामिल डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जानी थी। परिजनों के आरोपों की जांच भी होनी थी। राज्य स्तरीय तकनीकी जांच दल की रिपोर्ट को भी मजिस्ट्रियल जांच में शामिल किया जाना था। 12-24 सितंबर तक सुनवाई तय हुई थी जांच के लिए एसडीएम सिरमौर ने 12-24 सितंबर के बीच कलेक्टर कार्यालय में सुनवाई तय की थी। पीड़ित पक्ष, प्रत्यक्षदर्शियों और घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों को साक्ष्य और लिखित बयान देने का मौका दिया गया। 4 स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान 2 डॉक्टरों और 2 नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया था। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक को पद से हटाया गया था। मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन का तबादला भी किया गया था। पिता 15 दिन आमरण अनशन पर बैठे थे कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा 2 सितंबर से 16 सितंबर तक आमरण अनशन पर बैठे थे। वे कुल 15 दिन तक अनशन पर रहे। 16 सितंबर को प्रशासन ने उनकी तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर उन्हें धरना स्थल से हटाया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अब रिपोर्ट मिलने का इंतजार 28 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे रामशिरोमणि मिश्रा ने जांच रिपोर्ट नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उनका सवाल है कि जब जांच रिपोर्ट बहुत पहले मिल जानी चाहिए थी। उन्हें अब तक रिपोर्ट क्यों नहीं दी जा रही।