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कुरुक्षेत्र में बैंकों की 150 ब्रांच पर लटका ताला:हड़ताल से 100 करोड़ के लेनदेन पर असर, यूनियन बोलीं- 5 डे बैंकिंग सिस्टम लागू हो
पांच दिन बैंकिंग सप्ताह समेत अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकारी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कुरुक्षेत्र में असर देखने को मिला। शुक्रवार को जिले की 150 से ज्यादा बैंक ब्रांच बंद रहीं। बैंक कर्मचारी और अधिकारी काम पर नहीं पहुंचे और हड़ताल में शामिल रहे। इससे जिले में बैंकिंग कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। यूनियन के अनुसार, हड़ताल के चलते 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के लेनदेन पर असर पड़ा। बैंक शाखाओं के गेट बंद रहे और सामान्य बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। जिन ग्राहकों को शुक्रवार को बैंक जाकर जरूरी काम निपटाने थे, उन्हें वापस लौटना पड़ा। डिजिटल और ATM सर्विस चलती रहीं SBI-OA के क्षेत्रिय महासचिव वेंकटेश नारायण ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) कॉल पर यह हड़ताल की गई। इसमें 7 यूनियन AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF ने अपना समर्थन दिया। इन यूनियन से जुड़े मेंबर और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। 5 दिन वर्किंग सिस्टम लागू हो बताया कि उनकी सबसे बड़ी मांग सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग सिस्टम लागू करने की है। सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने किया जाए। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक प्रबंधन के साथ हुए समझौते में सभी शनिवार की छुट्टी को लेकर सहमति बन चुकी थी। इसके बदले कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति दी थी। इसका प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय को भेजा जा चुका है, लेकिन ढाई साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मंजूरी नहीं मिली। पांच दिन बैंक खुलने से ग्राहकों के बैंकिंग समय में कमी नहीं आएगी। भर्ती से लेकर पेंशन तक कई मांगें वहीं जसपाल यादव ने बताया कि इनमें बैंकों में क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती, NPS को OPS में बदलना, पेंशन अपडेट करना, सभी पेंशन धारकों के लिए समान DA फार्मूला और पुराने पेंशन धारकों के एक्स-ग्रेशिया में संशोधन शामिल हैं। इसके अलावा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने और प्राइवेट बैंक कर्मचारियों को भी एक्स-ग्रेशिया का लाभ दिया जाए। सुलह से नहीं निकला रास्ता हड़ताल से पहले 8 और 9 सितंबर को चीफ लेबर कमीशनर और डिप्टी लेबर कमीशनर के साथ सुलह बैठक हुई थी। बैठक में वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें 5 दिन बैंकिंग को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद हड़ताल वापस लेने पर सहमति नहीं बन सकी। आगे भी जारी रहेगा आंदोलन आज की सांकेतिक हड़ताल के बाद UFBU ने 28, 29 और 30 सितंबर को भी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की कॉल है। आरोप लगाया कि उनकी 5 डे बैकिंग की बात मानने के बाद सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की