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वित्त आयोग की साढ़े 4 करोड़ की राशि पर बैठक:कांग्रेस समर्थित डीडीसी ने किया बहिष्कार; छात्रावास-सड़क के मुद्दे नहीं सुने जाने का आरोप
जशपुर में गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में 16वें वित्त आयोग की करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की राशि के इस्तेमाल को लेकर बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, डीडीसी और जनपद पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में डीडीसी और जनपद पंचायतों के प्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र की जरूरतों और विकास कार्यों की जानकारी मांगी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर ही राशि खर्च करने की योजना बनाई जाएगी। बैठक के दौरान कांग्रेस समर्थित डीडीसी आशिका कुजूर बाहर निकल गईं। वह जिला पंचायत के प्रवेश द्वार के पास बैठ गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र की समस्याओं को बैठक में गंभीरता से नहीं सुना गया। आशिका कुजूर ने कहा कि उन्होंने स्कूल में शिक्षक की पदस्थापना, छात्रावास की मरम्मत और सड़क की समस्या जैसे मुद्दे उठाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर ही सुनवाई नहीं हो रही है तो बैठक में मौजूद रहने का कोई औचित्य नहीं है। डीडीसी के प्रस्ताव पोर्टल पर होंगे अपलोड जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने बताया कि सभी डीडीसी के प्रस्ताव और पत्र पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इससे राशि के उपयोग में पारदर्शिता बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग की राशि मुख्य रूप से टाइड और अनटाइड फंड के तहत खर्च की जाती है। टाइड फंड से पीने के पानी और साफ-सफाई से जुड़े काम कराए जाएंगे। बैठक में पंचायतों में जल संरक्षण के कामों के लिए फंड देने पर भी चर्चा हुई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े कामों को जनप्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर प्राथमिकता देने की बात कही गई। अनटाइड फंड से बुनियादी काम होंगे अनटाइड फंड से बुनियादी ढांचे से जुड़े काम कराए जाएंगे। इसके लिए करीब 2 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। इसमें सरकारी इमारतों की मरम्मत और रखरखाव के साथ पंचायत क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार दूसरे बुनियादी काम शामिल होंगे। अध्यक्ष बोले- आरोप निराधार आशिका कुजूर के आरोपों पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि उनकी उपेक्षा किए जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस समर्थित दो अन्य डीडीसी श्वेता भगत और मोनिका टोप्पो भी बैठक में शामिल थीं। दोनों बैठक के अंत तक मौजूद रहीं और उन्होंने इस तरह की कोई शिकायत नहीं की। सालिक साय ने कहा कि बैठक की तारीख 10 सितंबर तय करने का सुझाव भी आशिका कुजूर की ओर से ही दिया गया था। उन्होंने कहा कि बैठक में पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा के दौरान हल्की नोकझोंक होना सामान्य बात है। सभी डीडीसी क्षेत्रों को बिना भेदभाव राशि देने का दावा जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए की राशि सभी डीडीसी क्षेत्रों को बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराई जाएगी। राशि का उपयोग क्षेत्र की जरूरत और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।