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आज से तीन दिन की हड़ताल पर पटवारी:17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश पर; 5 दिन प्रभावित रहेंगे राजस्व कार्य
मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने पदोन्नति, कैडर रिव्यू और अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार से तीन दिवसीय आंदोलन शुरू कर दिया है। 15 से 17 जुलाई तक प्रदेशभर के पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को शासकीय अवकाश होने से लगातार पांच दिन राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहने की आशंका है। पटवारियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने सभी जिलों के पटवारियों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार और आग्रह किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कैडर रिव्यू और पदोन्नति प्रमुख मांगें संघ के अनुसार उनकी प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, नियमित पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण शामिल है। पटवारियों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी। पांच दिन प्रभावित रह सकते हैं राजस्व कार्य पटवारी 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को सरकारी अवकाश होने के कारण लगातार पांच दिन तक नामांतरण, सीमांकन, नक्शा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र से जुड़े राजस्व कार्यों सहित अन्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर कविता के जरिए दी चेतावनी आंदोलन के समर्थन में पटवारी संघ ने सोशल मीडिया पर एक कविता भी साझा की है, जिसमें शासन को चेतावनी देते हुए लिखा गया है— "वरना बस्ता बंद करेंगे,
कलम छोड़ रुक जाएंगे,
नक्शे सारे धरे रहेंगे,
साहब ढूंढ न पाएंगे।" संघ बोला- अधिकारों की लड़ाई, टकराव नहीं पटवारी संघ का कहना है कि यह आंदोलन किसी टकराव के उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। इसका मकसद सरकार तक कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। संघ का कहना है कि समयबद्ध पदोन्नति और कैडर रिव्यू लागू होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और आम नागरिकों को मिलने वाली राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।