Sunday, 25 October 2026
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जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला का चुनाव आयोग पर हमला:रोहतक में बोले - ये डेमोक्रेसी के लिए बड़ा खतरा, फार्म-6 बना मुसीबत

INT News25 October 2026 at 05:53 pm

रोहतक में पहुंचे जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं, ये डेमोक्रेसी के लिए बहुत बड़ा खतरा है। पीलीभीत में 13 हजार वोटों में हेराफेरी की गई, जिसको लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठने सही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि SIR को पूरी भारतीय जनता पार्टी ने बचाया और चीफ इलेक्शन कमीशन को ढाल बनाकर बचाने का काम किया। 13 हजार वोटरों के बिना नॉलेज, बिना फादर नेम फॉर्मेट के नाम बदल दिए। चुनावों को प्रभावित करने का भाजपा का भविष्य में भी प्रयास है। यूपी में आचार संहिता लगने में महीना-डेढ़ महीना बाकी है और उससे पहले एक विधानसभा में 13 हजार वोटरों की आपत्ति आना, बड़े सवाल खड़े कर रहा है। फॉर्म-6 बना जनता के लिए मुसीबत

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिन लोगों के वोट कटे हैं, आज वो फॉर्म-6 नहीं भर सकते, क्योंकि फॉर्म-6 कहता है कि नए वोटर को शपथ लेनी पड़ती है कि आज से पहले कभी वोट नहीं बनाया। जिन लोगों ने 4-5 चुनावों में वोट डाले हैं, अब वो भी वोट से वंचित होंगे। 100 करोड़ की वोटिंग पॉपुलेशन में 13 करोड़ से ऊपर वोटों पर आपत्ति आना, यानि 13 प्रतिशत वोटों के साथ गड़बड़ की जा रही है। ITBP प्रमुख के बयान पर निंदा

दुष्यंत चौटाला ने ITBP प्रमुख के उस बयान की निंदा की, जिसमें कहा कि चीन से ट्रेडिशनल वॉर नहीं लड़ सकते। चीन और हिंदुस्तान की आबादी लगभग बराबर है। ऐसे संवेदनशील बॉर्डर अरुणाचल के लिए ऐसी कायराना बात कहना, जवानों का हौसला तोड़ना है और दुश्मन देश को स्ट्रैटेजिक एडवांटेज देना है। हजारों जवान लेह-लद्दाख से बांग्लादेश बॉर्डर तक तैनात हैं। युवाओं को अर्बन नक्सल कहना लोकतंत्र की हत्या

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि दिल्ली में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उन्हें अर्बन नक्सल बता रहे हैं। आज मैं शर्ट पहना हूं, आप शर्ट पहने हो, अगर गांव की औरतें मुंह पर डाटा मारती हैं तो क्या वो नक्सलवादी बन गई। एक तरफ गृह मंत्री कहते हैं कि 2027 से पहले नक्सलवाद मुक्त कर देंगे, दूसरी तरफ युवा जो अपने अधिकारों के लिए मैदान में है, उसे नक्सलवादी कहते हैं। ये तो लोकतंत्र को खुद मारने का प्रयास है। मंडियों में कुप्रबंधन का आरोप

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बाजरे के लिए 3-3 बार रजिस्ट्रेशन के बाद भी खरीद की डेट नहीं मिल रही। जीरी में पिछले एक हफ्ते से बारिश नहीं होने के बाद भी 17 प्रतिशत नमी का बहाना बनाकर किसानों को 200-300 रुपये सस्ती फसल बेचने पर मजबूर किया जा रहा है। ये नालायकी और मिस-मैनेजमेंट है।