समाचार · हरियाणा
बहादुरगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात:दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद पिता ने लगाई फांसी
बहादुरगढ़ शहर की ओमैक्स सिटी स्थित बीपीएल फ्लैट्स में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। किराए के एक फ्लैट से एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता ने पहले अपने दो मासूम बच्चों की कथित रूप से हत्या की और उसके बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे फ्लैट परिसर में मातम का माहौल है। फ्लैट नंबर 309 में मिला खौफनाक मंजर मृतक की पहचान महेंद्रगढ़ जिले के खुडान गांव निवासी सुनील के रूप में हुई है। उसका परिवार बहादुरगढ़ के लाइनपार स्थित हरि नगर में रहता है। सुनील ओमैक्स सिटी के बीपीएल फ्लैट्स के फ्लैट नंबर 309 में किराए पर रह रहा था। वह ड्राइविंग के साथ-साथ प्रॉपर्टी का काम भी करता था। मंगलवार सुबह फ्लैट के भीतर काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था। कमरे में दो मासूम बच्चों के शव पड़े थे, जबकि सुनील का शव फंदे से लटका मिला। पत्नी मायके गई हुई थी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुनील की पत्नी मायके गई हुई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को वह अपने भाइयों के घर से यह कहकर फ्लैट पर लौटा था कि उसकी पत्नी वापस आने वाली है। हालांकि कुछ ही घंटों बाद ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया, जिसने सभी को झकझोर दिया। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने फ्लैट का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। वहीं पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मृतक की कॉल डिटेल, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।