Tuesday, 14 July 2026
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मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के ICU में बवाल, मरीज की पिटाई के बाद मौत, जांच में जुटी पुलिस

INT News14 July 2026 at 01:45 pm

UP News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक मरीज की कथित तौर पर दूसरे मरीज के तीमारदार द्वारा पिटाई कर दी गई, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. अस्पताल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आईसीयू में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.

ICU में मरीज और तीमारदार के बीच हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय रमेश पाल लीवर की गंभीर बीमारी के चलते जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. उसी वार्ड में सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग महिला कमला देवी भी भर्ती थीं. बताया जा रहा है कि रविवार देर रात किसी बात को लेकर कमला देवी के बेटे संजय और रमेश पाल के बीच कहासुनी हो गई.

आरोप है कि विवाद बढ़ने पर संजय ने आईसीयू के भीतर ही रमेश पाल के साथ मारपीट कर दी. इस दौरान रमेश की नाक पर गंभीर चोट आई और उनकी हालत बिगड़ गई.

उपचार के दौरान हुई मौत

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने घायल रमेश पाल को तत्काल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया. हालांकि सोमवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. मरीज की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों में कोहराम मच गया.

हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी संजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल के आईसीयू और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. जांच का फोकस इस बात पर भी है कि आखिर आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना कैसे हो गई और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई. एएसपी सिद्धार्थनगर मिश्रा ने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि सुरक्षा में लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अस्पताल के आईसीयू को मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील और नियंत्रित क्षेत्र माना जाता है. ऐसे में आईसीयू के भीतर हुई इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों और उनके तीमारदारों की गतिविधियों पर अधिक निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सकें.

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