Tuesday, 7 July 2026
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कोलकाता पुलिस का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने टीएमसी को दी रैली की अनुमति, लगायी 5 शर्तें

INT News7 July 2026 at 10:13 pm

Calcutta High Court Permission TMC Rally: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कोलकाता पुलिस द्वारा ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल युवा कांग्रेस को 8 जुलाई को दक्षिण कोलकाता में विरोध रैली निकालने की अनुमति देने से इनकार करने वाले आदेश को रद्द कर दिया. अदालत ने विपक्षी गुट को कुछ कड़ी शर्तों के साथ रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी.

कोर्ट ने लगायी ये 5 शर्तें

रैली का रूट बदला : ‘बालीगंज फारी’ चौराहे से हाजरा रोड होते हुए गुजरेगी. समापन लैंसडाउन मार्केट की बजाय हाजरा चौराहे पर होगा.

रैली का समय बदला : अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे की बजाय अपराह्न ढाई बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक करनी होगी रैली.

नहीं बजेगा लाउडस्पीकर : केवल हैंडहेल्ड माइक्रोफोन का उपयोग करते हुए रैली करेंगे तृणमूल युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता.

आवागमन बंद नहीं होगा : कोर्ट ने निर्देश दिया कि रैली मार्ग का एक हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा. गंतव्य पर पहुंचने के बाद भीड़ तुरंत हट जायेगी.

1000 से ज्यादा लोग नहीं : अदालत ने कहा कि रैली में 1000 से अधिक लोग भाग नहीं लेंगे.

हाईकोर्ट ने रैली के रूट में किया बदलाव

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने रैली के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव करते हुए कहा कि यह ‘बालीगंज फारी’ चौराहे से शुरू होकर हाजरा रोड से गुजरेगी, लेकिन इसका समापन पहले से प्रस्तावित शरत बोस रोड स्थित लैंसडाउन मार्केट की बजाय हाजरा चौराहे पर होगा, ताकि आम जनता को होने वाली असुविधा कम की जा सके.

रैली का समय भी कोर्ट ने बदला

हाईकोर्ट ने रैली का समय भी बदल दिया. कहा कि अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे की बजाय अपराह्न ढाई बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक सीमित कर दिया. साथ ही, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए केवल हैंडहेल्ड माइक्रोफोन के उपयोग की अनुमति दी. कोर्ट ने निर्देश दिया कि रैली मार्ग का एक हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रखा जायेगा और गंतव्य पर पहुंचने के बाद भीड़ को तुरंत हट जाना होगा.

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने शहीद दिवस रैली के लिए कोलकाता पुलिस से मांगी अनुमति

1000 से अधिक लोग रैली में नहीं होंगे शामिल

अदालत ने साथ ही रैली में भाग लेने वालों की संख्या 1,000 से अधिक न होने का भी निर्देश दिया. याचिकाकर्ता ने अदालत में दायर रिट याचिका में कहा कि उसने एक जुलाई को रैली की अनुमति मांगी थी, लेकिन 6 जुलाई को संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) ने कार्यदिवस में रैली से आम जनता को होने वाली असुविधा, आसपास अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों का हवाला देकर अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

कोलकाता पुलिस के खिलाफ कोर्ट में दायिर की थी याचिका

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि 2 जुलाई को प्रस्तावित एक अन्य विरोध रैली की अनुमति भी कोलकाता पुलिस ने पिछले सप्ताह नहीं दी थी. उसका कहना था कि पुलिस का यह रवैया संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार का उल्लंघन है.

तृणमूल की रैली क्यों? अभी स्पष्ट नहीं

तृणमूल कांग्रेस ने रैली का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की हालिया घटना इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा होगी.

राज्य सरकार ने याचिका का किया विरोध

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने याचिका का विरोध करते हुए मई 2023 के उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि रैली आयोजित करने के लिए आयोजकों को 15 दिन पहले अनिवार्य सूचना देनी चाहिए थी और पुलिस के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना चाहिए था.

कल्याण बनर्जी ने सरकार को दी शपथ पत्र दाखिल करने की चुनौती

सरकार की दलील पर कोर्ट ने कहा कि रैली की अनुमति अस्वीकार करते समय पुलिस के आदेश में कहीं भी अपर्याप्त नोटिस का उल्लेख नहीं किया गया था. राज्य सरकार की इस दलील पर कि रैली रविवार को आयोजित की जानी चाहिए थी, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा- सरकार यह तय नहीं कर सकती कि कोई संगठन किस दिन रैली करेगा. उन्होंने राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसका यही रुख है, तो वह इस संबंध में अदालत में शपथपत्र दाखिल करे.

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