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Gujarat: ज्ञान सहायक भर्ती नियमों में सुधार, वेतन भी बढ़ाया

Ahmedabad. गुजरात सरकार ने सरकारी एवं अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त अध्यापकों के पदों पर स्थायी भर्ती नहीं होने के चलते शिक्षा प्रभावित ना हो उसके लिए ज्ञान सहायक योजना के भर्ती नियमों में सुधार किया है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना (जीआर) जारी कर दी है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस नए जीआर में कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है, जिनके पास विषय ज्ञान के साथ-साथ बहुविषयक कौशल, संचार क्षमता, रचनात्मक सोच, व्यावसायिक शिक्षा तथा आधुनिक तकनीक का भी ज्ञान हो। इस उद्देश्य से ज्ञान सहायक योजना को बरकरार रखा है। इसमें नियमों में संशोधन भी किया है। नए नियमों के तहत ज्ञान सहायकों की नियुक्ति के लिए पहली प्राथमिकता माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को दी जाएगी। यदि ऐसे उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं, तो किसी भी वर्ष टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भर्ती किया जा सकेगा। यदि ऐसे उम्मीदवार भी नहीं मिलते हैं तो माध्यमिक स्तर के लिए स्नातक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के लिए स्नातकोत्तर उम्मीदवारों का चयन किया जा सकेगा। माध्यमिक वर्ग के लिए अधिकतम आयु 48 वर्ष तथा उच्चतर माध्यमिक के लिए 50 वर्ष निर्धारित की गई है। ज्ञान सहायकों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा। टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मेरिट टेट में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी, जबकि अन्य पात्र अभ्यर्थियों के मामले में शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के अंतिम वर्ष के अंकों का औसत ध्यानार्थ लिया जाएगा। अब माध्यमिक में मिलेंगे 24 हजार नए नियमों के तहत सरकार ने ज्ञान सहायकों को माध्यमिक विभाग में 24 हजार रुपए प्रतिमाह तथा उच्चतर माध्यमिक विभाग में 26 हजार रुपए प्रतिमाह का निश्चित मानदेय देने की घोषणा की है। पहले माध्यमिक में 21 हजार रुपए का मानदेय दिया जाता था। दो साल में बढ़ाया जाएगा वेतन संशोधित नियमों के तहत ज्ञान सहायकों का अनुबंध अधिकतम 11 माह का होगा। शैक्षणिक वर्ष के अंतिम दिन यह स्वत: समाप्त हो जाएगा। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी अथवा अनुदानित विद्यालयों के प्रबंधन द्वारा नया अनुबंध किया जा सकेगा। रिक्त पदों की जानकारी हर वर्ष अप्रेल तक एकत्र की जाएगी। 15 से 20 मई के बीच भर्ती विज्ञापन जारी होगा। अभ्यर्थी अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर पसंदीदा जिले का चयन करेंगे। जिला स्तर पर मेरिट सूची के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों का आवंटन होगा। यदि कोई उम्मीदवार उपस्थित नहीं होता है या बीच में छोड़ देता है, तो प्रतीक्षा सूची से मेरिट से नए अभ्यर्थी को मौका दिया जाएगा। समग्र शिक्षा कार्यालय, गांधीनगर डीबीटी से मानदेय का भुगतान करेगा। दो वर्ष पूरे होने पर मानदेय बढ़ाने पर सरकार विचार करेगी। राज्य शाला संचालक महामंडल ट्रस्ट ने की सराहना राज्य सरकार के नए जीआर की राज्य शाला संचालक महामंडल ट्रस्ट ने सराहना की है। ट्रस्ट के अध्यक्ष भास्कर पटेल ने कहा कि इससे स्कूलों में ज्ञान सहायकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। सभी मुद्दों का ध्यान रखा गया है।