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बठिंडा में हर संपत्ति की होगी डिजिटल पहचान:मेयर पदमजीत मेहता ने यूनिटनेव पायलट प्रोजेक्ट किया शुरू संपत्तियों की लोकेशन मोबाइल पर मिलेगी
बठिंडा शहर को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में नगर निगम ने नई पहल की है। मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने वार्ड नंबर 46 में यूनिटनेव (UnitNav) डिजिटल नेविगेशन पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसके तहत वार्ड की 2,021 संपत्तियों को डिजिटल मैप से जोड़ा गया है। अब लोग नगर निगम के प्रॉपर्टी नंबर के जरिए किसी भी संपत्ति की सटीक लोकेशन अपने स्मार्टफोन पर देख सकेंगे। इस पहल के साथ बठिंडा को पंजाब का पहला ऐसा शहर बताया जा रहा है, जहां नगर निगम की संपत्ति संख्या को जमीन पर मौजूद उसकी वास्तविक लोकेशन से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है।फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वार्ड नंबर 46 में लागू किया गया है।
बिना ऐप डाउनलोड किए मिलेगी लोकेशन
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बताया कि यूनिटनेव के जरिए संपत्ति की लोकेशन जानने के लिए किसी अलग मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। लोग अपने मोबाइल ब्राउजर से इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसमें पंजाबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का विकल्प उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस, पानी के बिल और बिजली कनेक्शन पर दर्ज नगर निगम की संपत्ति संख्या के जरिए संबंधित मकान या प्रतिष्ठान तक पहुंचा जा सकेगा। सिस्टम में संपत्ति नंबर डालने पर उसका सटीक स्थान, दूरी, दिशा और गेट तक पहुंचने का पैदल रास्ता भी दिखाई देगा। आपातकालीन सेवाओं को भी मिलेगी मदद
मेयर ने कहा कि यह तकनीक केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी उपयोगी होगी। कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों को सही पता नहीं मिलने के कारण मौके पर पहुंचने में परेशानी होती है। डिजिटल लोकेशन मिलने से ऐसी सेवाओं को संबंधित घर या प्रतिष्ठान तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स, जलापूर्ति, सीवरेज, कूड़ा संग्रहण, स्ट्रीट लाइट रखरखाव और भवन निरीक्षण से जुड़े विभाग भी इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों को संपत्तियों की पहचान करने और मौके पर पहुंचने में आसानी होगी।
वार्ड में लगेंगे क्यूआर कोड वाले बोर्ड
पायलट प्रोजेक्ट के तहत वार्ड नंबर 46 के अलग-अलग स्थानों पर नेविगेशन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर क्यूआर कोड होंगे। लोग मोबाइल से कोड स्कैन करके सीधे डिजिटल मैप पर पहुंच सकेंगे और संबंधित संपत्ति की लोकेशन देख सकेंगे। मेयर ने कहा कि इस सुविधा से डिलीवरी और कूरियर कंपनियों, स्थानीय कारोबारियों, शहर में आने वाले लोगों और निवासियों को भी फायदा होगा। उन्हें किसी व्यक्ति का घर या दुकान ढूंढने के लिए बार-बार फोन करके रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अन्य वार्डों में भी लागू करने की योजना
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि फिलहाल इस परियोजना की शुरुआत वार्ड नंबर 46 से की गई है। इसके सफल रहने पर इसे शहर के दूसरे वार्डों में भी लागू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक से नगर निगम के रिकॉर्ड को जमीनी स्तर पर मौजूद संपत्तियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित सुविधाओं से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता है। यूनिटनेव परियोजना को बठिंडा के शहरी विकास में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।