Monday, 2 November 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

ऐशबाग में हाउसिंग बोर्ड के 600 जर्जर मकान टूटेंगे:भोपाल में 14 नवंबर को चलेगा बुलडोजर; 13 तक खाली करने का अल्टीमेटम

INT News2 November 2026 at 05:55 pm

भोपाल के ऐशबाग स्थित एमपी हाउसिंग बोर्ड के 600 ईडब्ल्यूएस (जनता क्वार्टर) जर्जर मकानों पर 14 नवंबर से बुलडोजर चलेगा। हाउसिंग बोर्ड ने सभी रहवासियों को 13 नवंबर तक मकान अनिवार्य रूप से खाली करने और अपना सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। अगले दिन से खतरनाक भवनों को गिराने की कार्रवाई होगी। हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, इन 600 मकानों में रह रहे लोगों में से मात्र 110 लोग ही वैध मूल आवंटी हैं। शेष करीब 490 मकानों पर अवैध कब्जे या अनाधिकृत लोग काबिज हैं। प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद कॉलोनी में हड़कंप मचा है। सहमति देने वाले वैध आवंटियों को ही मिलेगा किराया हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि (13 नवंबर) के बाद भवनों में किसी भी प्रकार का निवास अथवा सामान रखना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल वही वैध आवंटी राहत पाने के हकदार होंगे, जो मकान रिक्त करने के लिए कार्यालय में अपना सहमति पत्र जमा करेंगे। ऐसे पात्र आवंटियों को आवास खाली करने के उपरांत नियमानुसार कलेक्टर दर पर मासिक किराया राशि प्रदान की जाएगी। अवैध रूप से रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार का मुआवजा या किराया लाभ नहीं मिलेगा। मई-16 में भवनों को जर्जर घोषित किया था ऐशबाग के यह ईडब्ल्यूएस मकान दशकों पुराने होकर पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। नगर निगम, भोपाल ने मई 2016 में ही इन 600 भवनों को जर्जर और जानलेवा घोषित कर दिया था। इसके बाद 2018 में भी नोटिस जारी किए गए, लेकिन लेकिन अवैध कब्जेदारों ने मकान खाली नहीं किए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तय समय-सीमा बीतने के बाद 14 नवंबर को भारी पुलिस बल और नगर निगम के अमले की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए रहवासी स्वयं जिम्मेदार होंगे। री-डेवलेपमेंट से बदलेगी तस्वीर

मध्य प्रदेश पुनर्विकास नीति-2022 के तहत हाउसिंग बोर्ड इस पूरी प्राइम लोकेशन का कायाकल्प करने जा रहा है। प्रशासन ने इससे पहले घर-घर संपर्क अभियान चलाकर और विशेष शिविर लगाकर रहवासियों की शंकाओं का समाधान किया था। इसके मुताबिक- इधर, भोपाल कमिश्नर ने ली बीडीए की बैठक भोपाल कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को भोपाल विकास प्राधिकरण एवं भोपाल नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार, संयुक्त आयुक्त राजस्व डॉ. विनोद यादव, सीईओ बीडीए श्याम वीर सिंह आदि अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि बीडीए और नगर निगम के अधिकारी विभिन्न अंर्तविभागीय विषयों पर आपस में चर्चा करें और संयुक्त रूप से फील्ड विजिट कर विकास कार्यों में आ रहे अवरोधों को दूर करें। साथ ही कार्यों की प्रगति पर प्रति सप्ताह चर्चा करें। योजना के क्रियान्वयन में बिल्कुल विलंब नहीं होना चाहिए। कार्यों की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में बताया कि बीडीए द्वारा बनाए गए कुल 695 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लेट्स नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने हैं। जिनमें नवीबाग में 312, राजा भोज फेस-2 में 257 और शहीद भगत सिंह क्षेत्र में 126 फ्लेट्स हैं। कमिश्नर ने इनके हस्तांतरण की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। बीडीए के नगर निगम में लंबित कार्यों में मिसरोद भोपाल चरण-1 एवं 2 में सड़क रेस्टोरेशन, सड़क कटाई उपरांत मरम्मत की राशि, सीवर लाइन हटाना और मानचित्र के अनुरूप सड़क और भूखंड का समायोजन शामिल हैं। साथ ही मिसरोद-बर्रई 45 मीटर सड़क योजना के भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने, अमृत धारा योजना 2.0 से जलापूर्ति और नर्मदा लाइन की शिफ्टिंग के कार्य भी लंबित हैं। बैठक में बीडीए के राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर शर्मा ने बीडीए की नगर विकास योजनाओं में शासन की भूमि के अनुबंध एवं एवज में दिए जाने वाले भूखंड और प्राधिकरण की नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 2019 के तहत क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के मानचित्र को राजस्व के मानचित्र एवं खसरे पर अंकित किए जाने संबंधी निर्देश राजस्व विभाग को दिए।