Tuesday, 21 July 2026
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पार्षद ने अपनी ही नपाध्यक्ष पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप:हाईकोर्ट में PIL की चेतावनी;कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी उठाए सवाल

INT News21 July 2026 at 09:45 am

नेपानगर नगर पालिका में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। वार्ड क्रमांक-10 की कांग्रेस पार्षद रूपाली जितेंद्र सावकारे ने अपनी ही पार्टी की नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि उनकी ओर से की गई पांच से छह शिकायतों की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी। पार्षद सावकारे ने बताया कि 32 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना, एक उपयंत्री के कथित गलत नियमितीकरण और अधिक वेतन भुगतान जैसे मामलों की जांच रिपोर्ट संबंधित विभागों को मिल चुकी है। इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल में हुई खरीदी में अनियमितताओं, ई-रिक्शा खरीदी में कथित मनमानी और फर्नीचर की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें की गई थीं। इन मामलों की जांच पूरी होने के बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न ही जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए। कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी उठाए सवाल रूपाली सावकारे ने नगर पालिका में कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सातवीं और आठवीं पास कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है, जबकि वास्तविक पात्र कर्मचारी आज भी नियमितीकरण से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि कई शिकायतों की जांच रिपोर्ट आने के बावजूद प्रशासन ने आगे कोई कदम नहीं उठाया। सामुदायिक भवन के टेंडर पर भी आरोप पार्षद ने सामुदायिक भवन का टेंडर अब तक जारी नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि अध्यक्ष प्रतिनिधि के भाई स्वयं ठेकेदार हैं, जिससे हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के आयुक्त द्वारा कई मामलों में जांच के आदेश दिए गए, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगी रूपाली सावकारे ने कहा कि यदि जांच रिपोर्टों के आधार पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगी। उनका कहना है कि नगर पालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाना अब आवश्यक हो गया है।