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शाजापुर में प्रिंटिंग प्रेस संचालक से 25 लाख मांगे:स्टेशनरी विक्रेता पर आरोप; एसपा का हवाला दे झूठे मामले में फंसाने की दी धमकी
शाजापुर में एसपी कार्यालय के स्टेशनरी सप्लाई टेंडर के बाद नवीन प्रिंटिंग प्रेस के संचालक मोहम्मद अली ने 25 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्टेशनरी विक्रेता अंकित नागर के खिलाफ कोतवाली थाने में आवेदन दिया है। पुलिस अधीक्षक शाजापुर प्रियंका शुक्ला ने कहा कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। मोहम्मद अली का आरोप है कि रुपए नहीं देने पर अंकित नागर ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। आवेदन के मुताबिक, अप्रैल 2026 में अली ने एसपी कार्यालय में स्टेशनरी सप्लाई के लिए टेंडर भरा था। दस्तावेजों में कुछ जानकारी नहीं होने के कारण उनकी निविदा रद्द कर दी गई थी। फर्म की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी अली ने आवेदन में कहा कि अंकित नागर ने उनसे कहा कि एसपी साहब से उसके अच्छे संबंध हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। इसके बाद उनसे कथित तौर पर 25 लाख रुपए मांगे गए। आरोप है कि रुपए नहीं देने पर तत्कालीन एसपी से मामला दर्ज कराने और फर्म की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी दी गई। 12 लाख देने का आरोप अली के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को एसबीआई बंगले के बाहर अंकित नागर की स्कूटी पर बैठकर बातचीत हुई। इस दौरान कथित तौर पर एक व्यक्ति को 12 लाख रुपए दिए गए। साथ ही, 13 लाख रुपए का भारतीय स्टेट बैंक, शाजापुर का चेक अंकित नागर को जमानत के तौर पर दिया गया। अली ने 4 जुलाई को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच उसी जगह 13 लाख रुपए देने का भी आरोप लगाया है। एसपी के ड्राइवर पर भी आरोप मामले में पुलिस विभाग के एक आरक्षक और तत्कालीन एसपी के चालक की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी को उसके पद से हटा दिया गया है।