Wednesday, 15 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · पंजाब

पठानकोट में NHM कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी दी:20 को विधायकों के घरों का घेराव, 22 से संगरूर में राज्य स्तरीय महा आंदोलन

INT News15 July 2026 at 04:57 pm

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने सरकार से लिखित आदेश न मिलने के बाद एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। पठानकोट के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।

इसके तहत आगामी दिनों में बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। हड़ताली कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि 16 जुलाई को सभी कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव करेंगे, जबकि 20 जुलाई को विधायकों के आवासों के बाहर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस बीच सरकार ने उनकी मांगें ना मानी तो 22 जुलाई को संगरूर में एक विशाल राज्य-स्तरीय रैली और महा-आंदोलन का आयोजन किया जाएगा।

डॉ. विमुक्त के अनुसार, लगभग एक महीने से चल रही यह हड़ताल स्वास्थ्य विभाग और सरकार से मिले मौखिक आश्वासनों के बाद कुछ समय के लिए टाल दी गई थी। कर्मचारियों ने जनता और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन ओपीडी और मरीज देखना जारी रखा, हालांकि ऑनलाइन कामकाज पूरी तरह ठप रखा गया। वित्त मंत्री ने दिया था आश्वासन कर्मचारियों की मांगें बीते 14 जून को वित्त मंत्री के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सरकार द्वारा जायज मानी गई थीं और लाभ देने का भरोसा भी दिया गया था। हालांकि, डॉ. विमुक्त का आरोप है कि सरकार केवल बैठकों का दौर चलाकर और खोखले आश्वासन देकर समय बिता रही है, क्योंकि अभी तक इस संबंध में कोई भी लिखित नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। सरकार के इस टालमटोल वाले रवैये से नाराज होकर NHM कर्मचारियों ने दोबारा संघर्ष का रास्ता चुना है। इसके तहत आगामी दिनों में बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। 16 जुलाई को सभी कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव करेंगे, जबकि 20 जुलाई सोमवार को स्थानीय विधायकों के आवासों के बाहर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। 22 को मुख्यमंत्री के जिले में महा आंदोलन कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस बीच सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो 22 जुलाई को संगरूर में एक विशाल राज्य-स्तरीय रैली और महा-आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मानी गई मांगों का आधिकारिक पत्र जल्द जारी नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।