समाचार · मध्य प्रदेश
भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:किसानों ने कहा- यह समझौता 'डेथ वारंट', रद्द करने की मांग
मऊगंज जिले के हनुमना स्थित कृषि उपज मंडी में बुधवार को देश बचाओ मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते के प्रस्तावित स्वरूप का विरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजेश मेहता हनुमना के माध्यम से प्रधानमंत्री को सौंपा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता देश के किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार, इस समझौते के लागू होने से भारतीय कृषि व्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठनों ने यह भी चेतावनी दी कि यह समझौता देश की खाद्य और आर्थिक संप्रभुता को भी प्रभावित कर सकता है। देश बचाओ मोर्चा के पदाधिकारियों ने इसे किसानों के लिए "डेथ वारंट" करार दिया और कहा कि इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने केंद्र सरकार से तत्काल प्रभाव से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को निरस्त करने और किसानों तथा आम जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी करती है, तो देश बचाओ मोर्चा देशभर में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ और देश बचाओ मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन पर किसान नेताओं और संगठन के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी किए गए।