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शिवना परियोजनाओं की खामियों पर भड़के विधायक, अफसरों को चेताया:सीवरेज की गड़बड़ियों पर विपिन जैन बोले- हालात नहीं सुधरे तो मंदसौर बंद करेंगे
मंदसौर विधायक विपिन जैन ने बुधवार को शिवना नदी किनारे चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं में तकनीकी खामियां और निर्माण की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फिलहाल अधिकारियों को चेताया जा रहा है, लेकिन यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो मंदसौर बंद तक किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने पीआईयू, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ शिवना नदी से जुड़ी तीन प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। 29 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर उठाए सवाल विधायक ने सबसे पहले करीब 29 करोड़ रुपए की लागत से चल रही सीवरेज परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज पाइपलाइन के बार-बार फूटने और गंदे नालों का पानी सीधे शिवना नदी में मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों को तकनीकी खामियां तत्काल दूर कर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद 7.87 करोड़ रुपए की लागत वाले शिवना पाथ-वे प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। इस परियोजना के तहत राजाराम फैक्ट्री, चीकलीकर मोहल्ला, अंबेडकर चौराहा और कोर्ट रोड से भगवान पशुपतिनाथ मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाना है। विधायक ने कहा कि यह परियोजना शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। 12.32 करोड़ के सौंदर्यीकरण कार्य की भी समीक्षा नगर पालिका की 12.32 करोड़ रुपए की शिवना तट सौंदर्यीकरण परियोजना का भी निरीक्षण किया गया। इसमें घाट निर्माण, लाइटिंग और अन्य विकास कार्य प्रस्तावित हैं। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों और सीवरेज व्यवस्था ऐसी हो कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी शिवना नदी में न पहुंचे। विधायक विपिन जैन ने कहा कि शिवना नदी मंदसौर की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। इससे जुड़े सभी विकास कार्य शहर की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता, गुणवत्ता और बेहतर समन्वय के साथ परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि शहरवासियों को जल्द इनका लाभ मिल सके।