Wednesday, 15 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

ग्रामीण बोले- खेती लायक जमीन बनाई, कई पेड़ लगाए:वन विभाग हटा रहा, पक्के मकान तोड़ रहा, सिंगरौली कलेक्टर से मांगी मदद

INT News15 July 2026 at 05:58 pm

सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के भुइधरवा गांव में वन विभाग की कार्रवाई से ग्रामीण भड़क गए हैं। करीब 25 से 30 परिवारों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपने घर तोड़े जाने को रोकने और न्याय की मांग की है। मामले को बढ़ता देख अपर कलेक्टर पी.एस. त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल राजस्व और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई को रोक दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार साल 1969 से सीलिंग की सरकारी जमीन पर रह रहे हैं। उनके दादा-परदादा के जमाने से यह जमीन उनके कब्जे में है। उन्होंने खुद मेहनत करके इस जमीन को खेती के लायक बनाया, यहां सैकड़ों पेड़ लगाए और बरसों से खेती कर अपना गुजारा कर रहे हैं। इस इलाके में सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री आवास, हैंडपंप और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी दी गई हैं। पट्टा दिलाने के नाम पर 40 हजार और बकरा लेने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जुलाई में वन विभाग ने बिना किसी नोटिस या सूचना के उनकी जमीन पर घेराबंदी शुरू कर दी। उन्होंने बीट गार्ड मुंशी गरुण सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने सीताप्रसाद केवट से पट्टा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपए और एक बकरा लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि अब पट्टा देने के बजाय उनके पक्के मकानों को तोड़ा जा रहा है। 18 जुलाई से अनशन की चेतावनी गांव वालों ने बताया कि वे सभी गरीब और अनपढ़ हैं और खेती ही उनकी कमाई का इकलौता जरिया है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 18 जुलाई 2026 तक उनकी समस्या का हल नहीं निकला, तो वे चितरंगी तहसील दफ्तर के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। अपर कलेक्टर बोले- जांच के बाद देंगे पट्टा और आवास अपर कलेक्टर पी.एस. त्रिपाठी ने कहा कि जांच में जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो परिवार पूरी तरह से भूमिहीन पाए जाएंगे, उन्हें नियम के तहत वन विभाग से पट्टा दिलाया जाएगा। इसके अलावा, जिन दो मकानों को हटाया गया है, उन्हें दूसरी जगह रहने के लिए घर दिया जाएगा।