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फरीदकोट में स्पीकर आवास समक्ष किसानों का मोर्चा जारी:तीसरे दिन भी लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी, रेलवे ट्रैक-सड़कें जाम की चेतावनी
फरीदकोट में किसान मजदूर मोर्चे के आह्वान पर पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के पैतृक गांव संधवां स्थित आवास के पास चल रहा 5 दिवसीय धरना बुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। विभिन्न किसान जत्थेबंदियों के कार्यकर्ताओं ने पंजाब और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की पुरजोर आवाज उठाई। धरने को संबोधित करते हुए चमकौर सिंह समेत अन्य किसान नेताओं ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकारें किसानों और मजदूरों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को उनके वादों की याद दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वयं 5 फसलों पर एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी दे सकती है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। किसान संगठनों की मुख्य मांगें: एमएसपी की गारंटी: फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की कानूनी गारंटी का कानून बनाया जाए। नुकसान की भरपाई: शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान ट्रॉलियों व सामान के हुए नुकसान तथा चोरी के मामलों में प्रभावित किसानों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए। विधेयक व समझौते रद्द हों: पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बीज संशोधन विधेयक, बिजली संशोधन विधेयक और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द किया जाए। जल्दी समाधान नहीं मिला तो तेज होगा आंदोलन किसान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र करते हुए राज्य भर में रेलवे ट्रैक और मुख्य सड़कें जाम करने जैसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।