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पंजाब में नशे और बेरोजगारी पर हरियाणा सीएम सैनी बरसे:बोले- वादे बहुत हुए, हालात नहीं बदले; भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंजाब सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य में नशाखोरी और बेरोजगारी के मुद्दे पर तीखी आलोचना की। फिरोजपुर के गुरुहरसहाय के गांव बाजेके स्थित 'बाबा राम थम्मन आश्रम' में आयोजित एक धार्मिक समागम में शिरकत करने पहुंचे सैनी ने कहा कि पंजाब में नशा खत्म करने और युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सैनी ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार के भरोसे नहीं हो सकता। इसके लिए परिवारों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर आगे आना होगा। इस दौरान उन्होंने हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भी उदाहरण दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को खेलों और रचनात्मक कार्यों में लगाएं ताकि राज्य को नशे के गर्त से निकाला जा सके। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ उन्हें खेलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। सैनी सरकार के दावों पर उठा सवाल भर्ती प्रक्रिया पर सवाल: सैनी ने पंजाब में सरकारी नौकरियों की पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार मिलना चाहिए ताकि वे सही राह पर चल सकें। 'नोटों की बारिश' पर कसा तंज: पंजाब सरकार की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए सैनी ने खरड़ की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बार सचिवालय में स्क्रीन पर देखते हुए उन्होंने देखा कि खरड़ में एक फ्लैट टावर से नोटों की बारिश हो रही थी। इस वाकये को उद्धृत करते हुए उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं और व्यवस्था पर तंज कसा।