समाचार · मध्य प्रदेश
शिवपुरी में मांगें नहीं मानीं तो रोजगार सहायक आंदोलन करेंगे:पंचायत सहायक सचिव बनाने एक अक्टूबर तक आदेश नहीं तो कलमबंद हड़ताल शुरू होगी
ग्राम रोजगार सहायक संयुक्त मोर्चा ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर शिवपुरी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सहायक सचिव के पद पर शामिल करने और पंचायत सचिवों के समान सुविधाएं देने की मुख्य मांग रखी। इसके अलावा स्थानीय स्तर से जुड़ी पांच अन्य मांगों का निराकरण करने की मांग भी की गई। संगठन के मुताबिक प्रदेश में करीब 23 हजार ग्राम रोजगार सहायक सरकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों का लंबे समय से निराकरण नहीं हुआ है। संगठन ने मुख्यमंत्री की 28 जून 2023 की घोषणा का हवाला देते हुए ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सचिवों के समान सुविधाएं देने की मांग की। अतिरिक्त काम लिया जा रहा, वेतन की समस्या भी उठाई ग्राम रोजगार सहायक राजेश रावत ने बताया कि संगठन लंबे समय से शासन-प्रशासन को आवेदन और ज्ञापन देकर मांगें उठा रहा है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों से लगातार अतिरिक्त काम लिया जा रहा है, जबकि वेतन और अन्य समस्याओं का भी समय पर समाधान नहीं हो रहा है। एक अक्टूबर तक आदेश नहीं तो आंदोलन ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि 1 अक्टूबर 2026 तक मांगों के संबंध में आदेश जारी नहीं हुए तो 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें कलमबंद हड़ताल, कंप्यूटर बंद, धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और आमरण अनशन शामिल रहेगा। जमीन से जुड़े काम राजस्व विभाग को देने की मांग संयुक्त मोर्चा ने जिला पंचायत से स्वामित्व अधिकार निष्पादन और पंजीयन वर्ष 2026 से जुड़े काम राजस्व विभाग से कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि जमीन से संबंधित काम राजस्व विभाग के माध्यम से ही कराए जाने चाहिए। दो जनपदों में वेतन भुगतान लंबित ज्ञापन में ग्राम रोजगार सहायकों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन के अनुसार जनपद पंचायत पिछोर में जून 2025 के 18 हजार रुपए और जनपद पंचायत पोहरी में जून 2025 के 9 हजार रुपए का भुगतान लंबित है। आवास सर्वे में नाम हटाने की जांच की मांग प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के सर्वे में नाम हटाए जाने के मामलों की उचित जांच कराने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि सर्वे के बाद चेकर स्तर से नाम हटाए जाने के बावजूद संबंधित हितग्राही ग्राम रोजगार सहायकों को जिम्मेदार मानकर शिकायत करते हैं। रिक्त पंचायतों का प्रभार और उपकरण उपलब्ध कराने की मांग सचिव विहीन या रिक्त पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों को प्रभार देने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही पुराने और खराब लैपटॉप के स्थान पर नए लैपटॉप व प्रिंटर उपलब्ध कराने तथा ग्राम पंचायतों द्वारा इंटरनेट की राशि का भुगतान करने की मांग की गई। संयुक्त मोर्चा ने शासन-प्रशासन से सभी मांगों का जल्द निराकरण कर आदेश जारी करने की मांग की है।