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कमिश्नर अभिषेक सिंह बोले, 'सोमवार से मैं खुद ई-अटेंडेंस लगाऊंगा':तीन लाख शिक्षक लगा रहे ई-अटेंडेंस, यह व्यवस्था किसी को परेशान या प्रताड़ित करने के लिए नहीं
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जब विभाग के तीन लाख से ज्यादा शिक्षक ई-अटेंडेंस के जरिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, तो अब वे खुद भी सोमवार से रोज ई-अटेंडेंस लगाएंगे। खास बात यह होगी कि उनकी हाजिरी भी कोई भी शिक्षक 'हमारे शिक्षक' एप पर ऑनलाइन देख सकेगा। से खास बातचीत में आयुक्त ने कहा कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था शिक्षकों को परेशान या प्रताड़ित करने के लिए नहीं, बल्कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षकों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षक को व्यवस्था में परेशानी आ रही है तो वह संवाद के जरिए अपनी समस्या बताए, विभाग उसका समाधान करेगा। कम ई-अटेंडेंस के कारण जिन शिक्षकों के वेतन काटने की कार्रवाई हुई थी, उनके वेतन का भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह से बातचीत के अंश- सवाल: ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों का खासा विरोध है? जवाब- प्रदेश में लगभग तीन लाख शिक्षक ई अटेंडेंस लगा रहे हैं। ई- अटेंडेंस समस्या नहीं समाधान है। कुछ तकनीकी समस्याएं बीच-बीच में जरूर आई हैं उनके निराकरण का तत्काल प्रयास किया गया है। प्रदेश में अटेंडेंस की जॉब व्यवस्था लागू की गई है वह अन्य राज्यों के लिए मिसाल है। मैं विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं कि हमारे शिक्षक इस व्यवस्था में लगातार सहयोग कर रहे हैं और समय से अटेंडेंस लगा रहे हैं। सवाल: शिक्षकों का आरोप है कि सिर्फ हमसे ही ई-अटेंडेंस लगवा रहे हैं? जवाब- ऐसा नहीं है, शिक्षकों के अलावा बाकी स्टाफ को भी अटेंडेंस लगाने के लिए कहा गया है। डीपीआई कार्यालय में भी अटेंडेंस लागू हो गई है। जिला और ब्लॉक स्तर पर भी अटेंडेंस लगाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, इसकी भी समीक्षा कर रहे हैं। अगर पालन नहीं हो रहा है तो उसका पालन करेंगे। सवाल: क्या आप भी ई अटेंडेंस लगाएंगे? जवाब-मेरे ई-अटेंडेंस लगाने को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद मैंने तय किया है कि मैं भी सोमवार से ई-अटेंडेंस लगाऊंगा। मैंने अपनी आईटी टीम को निर्देश दिए हैं कि मेरा ई अटेंडेंस का प्रावधान सिस्टम में कर दें, मेरी आईडी बना दें, ताकि सोमवार से ई अटेंडेंस लगा सकूं। वैसे मेरा कार्यालयीन समय सुबह से लेकर रात 9 से 10 बजे रात तक रहता है लेकिन फिर भी मैं टीचर्स की भांति अटेंडेंस लगाऊंगा। रात को जब काम से फुरसत होऊंगा तो लॉग आउट करूंगा। मेरी ई-अटेंडेंस शिक्षक एप पर देख भी सकेंगे। सवाल: दूसरी पाली में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस नहीं लगी, ऐसा क्यों? जवाब- दरअसल एक साथ हिट होने पर क्यू बनती है। एक लाख लोग एक साथ ई अटेंडेंस लगा सकते हैं। आज जब एक साथ लाग आउट हुआ तो क्यू बन गई। एक तकनीकी समस्या बनी क्योंकि 1.74 लाख लोगों ने एक साथ लॉग आउट किया। इस कारण से ऐसी स्थिति बनी, इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया है। मैं गंभीरता और जवाबदारी के साथ कह सकता हूं कि आने वाले समय में शिक्षकों को लॉग आउट करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। शाम के समय इसकी कैपिसिटी तीन गुना करने के लिए कहा है और अब आने वाले दिनों में ऐसी दिक्कत नहीं आएगी। किसी के विरोध में नहीं है और किसी को सशंकित होने की आवश्यकता नहीं है। हमारे सारे टीचर्स कुशलतापूर्वक की अटेंडेंस लगा रहे हैं। मैं इसको लेकर गौरवान्वित हूं कि हमारे टीचर ऐसा कर रहे हैं। ई अटेंडेंस किसी को परेशान करने के लिए नहीं है। चूंकि नया सिस्टम है, शिक्षकों के सीखने के लिए है कई बार पैनिक होता है, लेकिन शिक्षकों के साथ हैं। धीरे-धीरे सब ठीक होता जा रहा है। यह व्यवस्था विभाग में अनुशासन लाने के लिए व्यवस्था लागू की गई है, यह किसी को प्रताड़ित करने के लिए नहीं है। सवाल: बारिश का मौसम है, कई विद्यालय भवन जर्जर हैं। इसके लिए क्या निर्देश हैं? जवाब-इसको लेकर पूर्व में निर्देश दे चुके हैं और प्रदेश के सभी अध्यापकों से अपील है कि अगर कोई विद्यालय या कक्ष जर्जर है तो उसकी जानकारी संबंधित विद्यालय के प्राचार्य, संकुल प्राचार्य और डीईओ को भेजें और वहां बच्चों को नहीं बैठाएं। अगर पानी भर गया है तो वहां बैठने या बैठाने की आवश्यकता नहीं हैं। तकनीक, व्यवस्थाएं और नियम इसलिए नहीं है कि वे बच्चों से ऊपर चले जाएं। बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। जिस प्रकार से हम आगे बढ़ रहे हैं और हमें सहयोग मिल रहा है, वह आने वाले समय में बच्चों का अच्छा रिजल्ट देगा। बच्चों के अच्छे रिजल्ट के लिए भी विभाग एक रणनीति बनाने की दिशा में काम चल रहा है। उम्मीद है कि इस साल आने वाले रिजल्ट से बच्चों के रिजल्ट अच्छे आने पर सबको प्राउड फील होगा। ये खबर भी पढ़ें… उफनते नदी नाले पार नहीं करें शिक्षक प्रदेश के शिक्षकों और छात्रों से कहा गया है कि वे उफनते नदी नाले पार नहीं करें। खासतौर पर शिक्षकों से कहा गया है कि ई-अटेंडेंस के चक्कर में उफनते नदी-नाले पार करने के बजाय इसकी जानकारी विद्यालय के प्राचार्य और संकुल प्राचार्य को दें। सामान्य दिनों में ई-अटेंडेंस सुबह 10.30 तक लगाना होगा।पूरी खबर पढ़ें