Friday, 14 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

शुक्रवार को भोले ने रमाई भस्म:बाबा महाकाल का रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट और आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार

INT News14 August 2026 at 07:37 am

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई और सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। गर्भगृह के पट खुलने के बाद पुजारियों ने भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारा। पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई। नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट से सजे बाबा महाकाल अभिषेक और पूजन के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट और विभिन्न आभूषण अर्पित किए गए। इसके साथ ही भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और भस्म चढ़ाई गई। बाबा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण की। सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला से भी भगवान का श्रृंगार किया गया। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद साकार स्वरूप के दर्शन धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान महाकाल को भस्म अर्पित करने के बाद वे निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इसी मान्यता के चलते भस्म आरती को बाबा महाकाल की आराधना में विशेष महत्व प्राप्त है।