Friday, 14 August 2026
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8 राज्यों में दो साल में 37 नान-एसएएस बने आईएएस:एमपी में दस साल से नहीं मिला मौका, SAS की डीपीसी की कवायद के बीच फिर जोर आजमाइश

INT News14 August 2026 at 07:47 am

मध्य प्रदेश में गैर राज्य प्रशासनिक सेवा (नॉन-एसएएस) के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल किए जाने की प्रक्रिया करीब एक दशक से ठप है। अब वर्ष 2025 के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS अवार्ड की संभावित DPC बैठक की कवायद तेज होने के साथ ही नॉन-एसएएस अधिकारियों ने भी अपनी दावेदारी को लेकर जोर आजमाइश शुरू कर दी है। इन अधिकारियों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से दूसरे विभागों के पात्र अफसरों को IAS अवार्ड का अवसर नहीं दिया गया है। नॉन-एसएएस अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश में विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन वर्ष 2016 के बाद से गैर-एसएएस अधिकारियों के IAS अवार्ड के लिए पदों का निर्धारण तक नहीं हुआ है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों ने इस मामले में सक्रियता दिखाई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2024 और 2025 में आठ राज्यों ने 37 गैर-एसएएस अधिकारियों को IAS अवार्ड दिया है। गुजरात, झारखंड और बंगाल में लगातार मौका पिछले दो वर्षों में वर्ष 2024 में 15 और 2025 में 22 गैर-एसएएस अधिकारियों का IAS में चयन हुआ। इनमें तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, झारखंड, बिहार और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल हैं। पश्चिम बंगाल, गुजरात और झारखंड ने गैर-एसएएस अधिकारियों को IAS में शामिल करने के मामले में लगातार अवसर दिए हैं। 2016 के बाद मध्य प्रदेश में प्रक्रिया ठप केंद्र सरकार ने 1997 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (चयन द्वारा नियुक्ति) विनियम के तहत राज्य सरकार के उन अधिकारियों के लिए IAS में आने का रास्ता खोला था, जो राज्य प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन राजपत्रित पदों पर कार्यरत हैं। मध्य प्रदेश में इस व्यवस्था के तहत एसके मिश्रा, राकेश श्रीवास्तव, अरुण भट्ट, संजय गुप्ता, श्रीकांत पांडेय और शमीमुद्दीन सहित कई अधिकारियों का IAS अवार्ड के लिए चयन हो चुका है। हालांकि वर्ष 2016 के बाद से प्रदेश में गैर-एसएएस अधिकारियों के लिए IAS अवार्ड की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। नॉन-एसएएस अधिकारियों का आरोप है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की लॉबिंग के चलते उनकी दावेदारी लगातार प्रभावित होती रही है। अब संभावित DPC को लेकर ये अधिकारी मुख्यमंत्री से इस प्रक्रिया को फिर शुरू कराने की उम्मीद लगाए हुए हैं।